Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयसाउथा चाइना सी में अमेरिकी नेवी देख बौखलाया चीन, कहा- हमारी जद में युद्धपोत,...

साउथा चाइना सी में अमेरिकी नेवी देख बौखलाया चीन, कहा- हमारी जद में युद्धपोत, बर्बाद कर सकते हैं

2014 के बाद यह पहला मौका है जब दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी नौसेना ने अपने दो बड़े एयरक्राफ्ट भेजे हैं। दोनों एयरक्राफ्ट के अलावा चार युद्धपोत भी इस इलाके में अभ्यास कर रहे हैं। इसका मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही सुनिश्‍चत करना है।

पड़ोसियों को धौंस दिखाने की कोशिश कर रहा चीन दक्षिण चीन सागर (साउथ चाइना सी) में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी से बौखला गया है। चीन के आक्रामक तेवरों के जवाब में अमेरिका ने अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर इस इलाके में तैनात किए हैं।

2014 के बाद यह पहला मौका है जब दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी नौसेना ने अपने दो बड़े एयरक्राफ्ट भेजे हैं। दोनों एयरक्राफ्ट के अलावा चार युद्धपोत भी इस इलाके में अभ्यास कर रहे हैं। इसका मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही सुनिश्‍चत करना है।

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन के दक्षिण चीन सागर में तैनाती पर चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने यूएस को ‘धमकी’ दी। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि चीन की सेना की किलर मिसाइलें डोंगफेंग-21 और डोंगफेंग-25 अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह कर सकती हैं। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने ट्विटर पर लिखा कि दक्षिण चीन सागर में तैनात अमेरिका के विमानवाहक पोत चीनी सेना की जद में हैं। चीनी सेना इन्‍हें बर्बाद कर सकती है। 

चीन की इस ‘धमकी‘ पर यूएस नेवी ने चुटकी ली है। अमेरिकी नौसेना के चीफ ऑफ इनफॉर्मेशन ने जवाब देते हुए ट्वीट कर कहा, “और इसके बावजूद वे (यूएस नेवी के जहाज) वहाँ हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर्स, दक्षिणी चीन सागर के अंतरराष्ट्रीय सीमा में घूम रहे हैं। यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन किसी से डरने वाले नहीं हैं।”

यूएसए के निमित्ज से एडमिरल जेम्स किर्क ने रॉयटर को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में कहा, “उन्होंने हमें देखा है और हमने उन्हें देखा है।” वहीं चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने जान-बूझकर दक्षिण चीन सागर में अपने जहाजों को अपनी ताकत दिखाने के लिए भेजा है। बता दें कि साउथ चाइना सी में अमेरिकी नेवी के दो बड़े विमानवाहक युद्धपोत कैरियर 4 जुलाई से अभ्‍यास कर रहे हैं।

गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने 6 साल बाद साउथ चाइना सी में एयरक्राफ्ट कैरियर भेजे हैं। ये दुनियाभर में अमेरिकी नौसैनिक ताकत का प्रतीक माने जाते हैं। अमेरिका ने साउथ चाइना सी में यह युद्धाभ्यास ऐसे समय पर शुरू किया है जब इसी इलाके में चीन की नौसेना भी युद्धाभ्यास कर रही है। चीन की नेवी परासेल द्वीप समूह के पास पिछले कई दिनों से युद्धाभ्यास करके ताइवान और अन्‍य पड़ोसी देशों को धमकाने में जुटी हुई है। उधर चीन की लगातार नॉर्थ चाइना सी में जापान से भी झड़प जारी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -