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कोरोना बीमारी नहीं अल्लाह ने दी गुनाहों की सजा, नमाज पढ़ने से ही बचेगा मुल्क: SP सांसद शफीकुर्रहमान बर्क

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा - "कोरोना वायरस का कोई इलाज अब तक नहीं पाया गया है, जिसका मतलब है कि कोरोना वायरस एक बीमारी नहीं है, बल्कि हमारे पापों के लिए अल्लाह द्वारा दंडित किया गया है। कोरोना का सबसे अच्छा इलाज यह है कि हम सभी अल्लाह से दुआ करें।"

उत्तर प्रदेश स्थित संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क (Shafiqur Rahman Barq) ने नमाज़ को लेकर कहा है कि कोरोना कोई बीमारी नहीं बल्कि अल्लाह द्वारा हमारे गुनाहों की सजा है और हुकूमत द्वारा मस्जिद और ईदगाह में नमाज़ करने पर लगी पाबंदी को हटाया जाना चाहिए क्योंकि जब मुल्क के सभी लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ेंगे तभी ये मुल्क बचेगा।

सपा सांसद का कहना है कि कि ईद-उल-अज़हा के मौके पर मस्जिदों और ईदगाह में इजतेमाई नमाज़ पर पाबंदी लगाना गलत है क्योंकि हम सबको सामूहिक रूप से अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी माँगनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा – “कोरोना वायरस का कोई इलाज अब तक नहीं पाया गया है, जिसका मतलब है कि कोरोना वायरस एक बीमारी नहीं है, बल्कि हमारे पापों के लिए अल्लाह द्वारा दंडित किया गया है। कोरोना का सबसे अच्छा इलाज यह है कि हम सभी अल्लाह से दुआ करें।”

शफीकुर्रहमान बर्क ने यह भी दावा किया है कि जब तक मुल्क के सारे लोग मस्जिदों में नमाज अदा नहीं करेंगे और अपने गुनाहों की माफ़ी नहीं माँगेंगे, तब तक कोरोना वायरस महामारी को नहीं भगाया जा सकता है।

इसके साथ ही सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने ईद के मौके पर लगने वाले पशुओं के बाजार पर पाबंदी के लिए भी जिला प्रसासन से भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि ईद-उल-अज़हा समुदाय विशेष का बड़ा त्यौहार है, जब लोग जानवरों की खरीदारी नहीं कर सकेंगे तो त्यौहार कैसे मनाएँगे?

इस सम्बन्ध में उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर बकरीद के अवसर पर पहले की तरह पशु बाजार लगाए जाने की माँग की है, जिससे समुदाय के लोग कुर्बानी के लिए जानवरों को खरीद कर सकें।

सपा सांसद ने कहा, “मस्जिद में पाँच लोगों की जमात से नमाज थोड़े ही हो जाएगी? सारे लोगों को नमाज पढ़वाइए, तभी यह मुल्क बचेगा। ईद पर समुदाय के लोग गिड़गिड़ाकर अल्लाह से गुनाहों की माफी माँगेंगे और हमें उम्मीद है हमारी भीड़ से नुकसान नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत होगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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