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गुंजन सक्सेना में दिखाया भारतीय वायु सेना की खराब इमेज: नहीं सुधर रहा बॉलीवुड, IAF ने दागा लेटर

गुंजन सक्सेना मतलब श्रीदेवी की बेटी जाह्णवी कपूर (बॉलीवुड में नेपोटिजम) के स्क्रीन कैरेक्टर को महिमामंडित करने के लिए फिल्म में जबरन ऐसी परिस्थितियाँ प्रस्तुत की गईं, जो वायु सेना की कार्य संस्कृति के विपरीत है।

भारतीय वायु सेना वो संस्था है, जहाँ पुरुष और महिला दोनों को समान अवसर प्रदान किया जाता है। लेकिन बॉलीवुड को इससे क्या मतलब! वो तो धनबाद की कहानी में भी स्विट्जरलैंड घुसाता आया है। ठीक वैसे ही तड़का लगाने के लिए इंडियन एयर फोर्स की कहानी गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (Gunjan Saxena: The Kargil Girl) में भी मसाला डाल दिया।

गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (Gunjan Saxena: The Kargil Girl) में ‘अनुचित नकारात्मक चित्रण’ को लेकर भारतीय वायु सेना ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से लिखित शिकायत की है। श्रीदेवी की बेटी जाह्णवी कपूर की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ आज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है।

इंडियन एयर फोर्स ने सेंसर बोर्ड को लिखे अपने पत्र में बातें साफ-साफ समझाईं। IAF के अनुसार, “नेटफ्लिक्स और धर्मा प्रोडक्शंस ने भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व प्रामाणिकता के साथ करने की सहमति व्यक्त की थी ताकि यह फिल्म अगली पीढ़ी को वायु सेना में जॉइन करने के लिए प्रेरित करने में मदद करती।”

IAF के अनुसार जब फिल्म का ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया, तो यह देखा गया कि इसमें भारतीय वायुसेना को अनुचित ढंग से नकारात्मक तरह से दिखाया गया है। गुंजन सक्सेना मतलब श्रीदेवी की बेटी जाह्णवी कपूर (बॉलीवुड में नेपोटिजम) के स्क्रीन कैरेक्टर को महिमामंडित करने के लिए फिल्म में जबरन ऐसी परिस्थितियाँ प्रस्तुत की गईं, जो वायु सेना की कार्य संस्कृति के विपरीत है।

गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (Gunjan Saxena: The Kargil Girl) में यह दिखाया गया है कि इंडियन एयर फोर्स पुरुष और महिला में फर्क किया जाता है। जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ भी नहीं है। इसी को लेकर IAF ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) को पत्र लिख कर आपत्ति जताई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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