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फर्जी नक्सली भाभी के बचाव में पीड़िता की असली भाभी ने ‘नक्सली भाभी’ को बताया दूर की रिश्तेदार

घूँघट में अपना चेहरा ढके और हाथ में एक बच्चा लिए पीड़िता की असली भाभी ने कहा कि उनका (संदिग्ध नक्सली) नाम राजकुमारी है। उनका एक 10 साल का बेटा है। ऐसा कुछ नहीं है (जो मीडिया में बताया जा रहा है)।

उत्तर प्रदेश के हाथरस गाँव में 19 साल की एक लड़की की कथित हत्या से जुड़े इस सनसनीखेज मामले में प्रतिदिन चौकानें वाले नए खुलासे हो रहे हैं। हाथरस केस में ‘न्यूज़ 18’ ने खुलासा किया था कि हाथरस मामले की जाँच कर रही एसआईटी ने पाया है कि मध्य प्रदेश की एक नक्सली महिला पीड़ित परिवार के साथ पीड़िता की भाभी बनकर रह रही रही थी। वहीं, अब इस मामले में मृतका की असली भाभी भी स्पष्टीकरण जारी करने के लिए सामने आई हैं।

‘न्यूज 18’ ने बताया था कि हाथरस मामले की जाँच कर रही एसआईटी ने पाया है कि एक नक्सली महिला 16 सितंबर से 22 सितंबर के बीच पीड़ित परिवार के साथ रह रही थी। महिला कथित तौर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली है और मामले का खुलासा होने के बाद से ही फरार है। बताया जा रहा है कि नक्सली संगठन पीड़िता की असली भाभी के संपर्क में थे।

पीड़िता की असली भाभी की सामने आई वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि सवालों के घेरे में आई महिला कोई फर्जी नहीं बल्कि उनकी दूर की रिश्तेदार थी। घूँघट में अपना चेहरा ढके और हाथ में एक बच्चा लिए पीड़िता की असली भाभी ने कहा, “उनका (संदिग्ध नक्सली) नाम राजकुमारी है। उनका एक 10 साल का बेटा है। उनका पति और एक परिवार है। ऐसा कुछ नहीं है (जो मीडिया में बताया जा रहा है)।”

कथत नक्सली महिला के आवास के बारे में पूछने पर असली भाभी ने बताया, “वह जबलपुर में रहती है और वहाँ नौकरी करती है।”

उन्होंने आगे बताया कि, ‘फर्जी भाभी’ बताई जा रही महिला वास्तव में उनकी दूर की एक रिश्तेदार है, जो कथित गैंगरेप पीड़िता के बारे में जानने के बाद परिवार के साथ रहने आई थी। असली भाभी ने जोर देते हुए कहा, “वह (संदिग्ध नक्सली) मेरी भाभी की रिश्तेदार है और इस तरह मेरी दूर की रिश्तेदार है। जो घटना के बारे में जानने के बाद हमारे घर में आकर रह रही थी। भोपाल, अहमदाबाद और मुंबई से हमारे रिश्तेदार आ रहे हैं, तो क्या सभी को ऐसे फर्जी घोषित कर दिया जाएगा।”

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने के लिए हाथरस घटना का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस घटना की आड़ में वह उत्तर प्रदेश में उच्च जाति के प्रति विरोध की भावना को भड़काने और निम्न वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत बना रहे है। वहीं मीडिया भी अपना फायदा देखते हुए इसका इस्तेमाल करने में पीछे नहीं है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की सीबीआई जाँच के आदेश दिए हैं। जिससे हाथरस मामले की घटना और इसके आड़ में चल रही साजिशों का खुलासा हो सके। हाथरस मामले की पूरी क्रोनोलॉजी समझने के लिए लिंक पर क्लिक करें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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