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चीन से काम समेटकर UP पहुँची जर्मन कंपनी: आगरा में शुरू किया प्रोडक्शन, 10,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

'कासा ऐवर जिम्ब' ने मई माह में कोरोना वायरस की महामारी के बीच ही भारत के साथ इस प्रस्ताव को रखा था। यह ब्रांड भारत के अलावा चीन में भी काम कर रहा था, जिसका करोड़ डॉलर का टर्नओवर है। अब यह कम्पनी चीन से सारा काम समेटकर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य में स्थापित हो रही है।

लाखों डॉलर के जूते निर्यात के कारोबार को चीन से समेटकर भारत आई जर्मनी की कंपनी वॉन वेलेक्स ने UP के आगरा में दो फुटवियर यूनिट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है। अभी तक कुल 2000 लोगों को इन यूनिट्स में रोजगार दिया गया है। वॉन वेलक्स कंपनी अब UP में तीन परियोजनाओं में लगभग 300 करोड़ रुपए का निवेश करेगी और लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने मंगलवार (4 नवंबर, 2020) को वर्चुअल माध्यम से इन इकाइयों का उद्घाटन किया। बता दें कि भारत की जूता निर्यातक कंपनी ‘इआट्रिक इण्डस्ट्रीज ग्रुप’ और जर्मनी की कंपनी ‘कासा ऐवर जिम्ब’ (Casa Everz Gmbh) के बीच हुए साझेदारी में इसकी स्थापना की गई हैं।

‘कासा ऐवर जिम्ब’ ने मई माह में कोरोना वायरस की महामारी के बीच ही भारत के साथ इस प्रस्ताव को रखा था। यह ब्रांड भारत के अलावा चीन में भी काम कर रहा था, जिसका करोड़ डॉलर का टर्नओवर है। अब यह चीन से सारा काम समेटकर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य में स्थापित हो रही है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों इकाइयों की वार्षिक 25 लाख जोड़ी जूतों की उत्पादन क्षमता है। बताया जा रहा यह कंपनी जेवर में 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में दिसंबर तक एक नई उत्पादन इकाई स्थापित कर सकती है। जबकि कोसी-कोटवान, मथुरा में 7.5 एकड़ में एक और विनिर्माण यूनिट भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के तहत कंपनी वार्षिक 50 लाख जोड़ी जूतों का उत्पादन करेगी।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व यह संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में संकट को अवसर में बदलने के विजन के परिणाम मिलने लगे हैं। इसके तहत केवल पाँच माह में निवेश-प्रस्ताव क्रियान्वित होकर उत्पादन शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद के कालखण्ड में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इकाइयों के संचालन के शुभारम्भ की घोषणा मेट्रो शूज लिमिटेड के अध्यक्ष रफीक ए मलिक तथा जिलाधिकारी आगरा प्रभु एन सिंह द्वारा की गई।

वहीं, ‘आशीष इआट्रिक इण्डस्ट्रीज’ के सीईओ आशीष जैन ने बताया कि इस मौजूदा परियोजना में जर्मन प्रौद्योगिकी और यूपी के जनसांख्यिकीय लाभांश के तालमेल का एक अनुपम उदाहरण है। परियोजना के अधीन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान, विकास, विपणन और उत्पादन ईआट्रिक इण्डस्ट्रीज के सहयोग से किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वॉन वेलेक्स द्वारा 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में जेवर (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में दिसम्बर 2020 तक एक नई उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना है। इसी तरह कोसी-कोटवान मथुरा में 7.5 एकड़ में एक और विनिर्माण इकाई प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि भारत में कंपनी के आने से 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और करोड़ों डॉलर का बिजनेस होगा।

वहीं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) राज्य मंत्री उदयभान सिंह ने भी इस कदम का स्वागत किया था। उन्होंने कहा “हम यह देखकर बहुत खुश हैं कि कासा ऐवर जिम्ब (Casa Everz Gmbh) देश में निवेश करेगा और इतने लोगों को रोजगार देगा। खास बात यह है कि वो चीन को छोड़ कर भारत के उत्तर प्रदेश आ रहा है।”

पुरुषों और महिलाओं के लिए ऑर्थोपेडिक फुटवियर (Orthopaedic footwear) बेचने वाले इस ब्रांड के 80 देशों में 100 मिलियन से ज्यादा ग्राहक हैं। इसे भारत में 2019 में लॉन्च किया गया था और यह 500 से ज्यादा रीटेल और ऑनलाइन दुकानों पर यह ब्रांड मिलता है।

उल्लेखनीय है कि वॉन वैल्स जर्मनी एक जर्मन ब्रांड है जो ‘5 जोन तकनीक’ पर आधारित है, 5 जोन नाम से महिला और पुरुष के जूते चप्पल सैंडल बनाकर यूरोपीय बाजार में करोड़ों डॉलर का व्यापार करती है। भारत में यह काम वन विलेज जर्मन के नाम से किया जा रहा है।आगरा में उत्पाद होने वाला वन विलेज जर्मन घरेलू और निर्यात का काम पहले से भी कर रहा है। इसमें जूते का निर्माण आपके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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