Sunday, September 8, 2024
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UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

बागपत के एडीएम के मुताबिक, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने पुलिस को चिट्ठी लिखी थी कि प्रदर्शन के कारण उनका निर्माण कार्य बाधित हो रहा था, इसीलिए यह एक्शन लिया गया।

गणतंत्र दिवस के मौके पर दंगाई किसानों द्वारा ट्रैक्टर परेड के नाम पर लाल किला सहित दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश के बागपत में बुधवार (जनवरी 27, 2021) रात ही प्रशासन ने विरोध कर रहे किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

बागपत के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमित कुमार सिंह ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने पुलिस को पत्र लिखा था कि प्रदर्शन के कारण उनका निर्माण कार्य बाधित हो रहा था, इसीलिए यह एक्शन लिया गया।

ये किसान दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बीते साल 19 दिसंबर से धरना दे रहे थे। बागपत पुलिस ने अपने ट्विटर अकाउंट से जानकारी देते हुए एक बयान में कहा कि पुलिस को पत्र लिखकर निवेदन किया गया था। जब पुलिस वहाँ पर पहुँची तो वहाँ कुछ वृद्ध लोग थे और एक व्यक्ति की मानसिक हालत ठीक नहीं थी, जिन्हें उनके घर पहुँचा दिया गया और किसी भी तरह का कोई बल प्रयोग नहीं किया गया।

अंधेर में हुई कुटाई- लोगों का दावा

हालाँकि, ट्विटर पर कुछ लोगों का यह भी दावा है कि प्रशासन द्वारा बागपत में धरने पर बैठे किसानों को आधी रात खेदड़ दिया गया। लोगों का दावा है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया और उनके टेंट उखाड़ फेंके। ऐसे ही कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान स्ट्रीट लाइट भी बंद थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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