Homeदेश-समाजजब जाकिर वोट कर सकता है तो आप क्यों नहीं?

जब जाकिर वोट कर सकता है तो आप क्यों नहीं?

पाशा जब मतदान स्थल पर पहुँचे तो वहाँ मतदानकर्मी भी उन्हें देखकर हैरान रह गए। पाशा ने बिना किसी की मदद लिए दाहिने पैर से पेन पकड़कर सभी औपचारिकताएँ (हस्ताक्षर आदि) पूरी की।

लोकसभा चुनाव प्रगति पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जनता में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए खूब प्रयास किए हैं। शायद इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि जाकिर जैसे उदाहरण हमें देखने को मिले हैं। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर बार कुछ ऐसे लोग सामने आते हैं, जो ना सिर्फ हमें प्रेरणा देते हैं बल्कि उन पर हमें गर्व भी होता है।

इस बार के चुनाव में भी ऐसे कुछ लोगों ने मतदान में हिस्सा लेकर हमें लोकतंत्र में वोट के महत्व को बखूबी समझाया है। ऐसे ही एक वोटर तेलंगाना के आदिलाबाद निर्वाचन क्षेत्र में दिखे। दोनों हाथ ना होने के बावजूद 25 वर्ष के जाकिर पाशा पैर से मतदान करते हुए नजर आए।

तेलंगाना में, जहाँ कि चुनावों में वोटरों की उदासीनता अक्सर देखने को मिलती है, 25 साल के जाकिर की एक तस्वीर सामने रखी है। मतदान स्थल पर पहुँचे जाकिर पाशा को जिसने भी पैर से मतदान करते देखा, उनकी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकता। इस फोटो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जाकिर लोगों के हीरो बन गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके जोश को सलाम करते हुए उनकी जमकर तारीफ की है।

पाशा जब मतदान स्थल पर पहुँचे तो वहाँ मतदानकर्मी भी उन्हें देखकर हैरान रह गए। पाशा ने बिना किसी की मदद लिए दाहिने पैर से पेन पकड़कर सभी औपचारिकताएँ (हस्ताक्षर आदि) पूरी की। इसके बाद बाएँ पैर के अंगूठे पर चुनाव निशान लगवाकर उसी के सहारे EVM से वोट भी डाला।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -