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एक 15 साल का-दूसरा 21 काः घर से उठाकर जंगल ले गए नक्सली, हत्या कर कहा- पुलिस के मुखबिर थे

जिन दो युवकों की हत्या की गई है उनमें से 21 वर्षीय युवक का भाई बस्तर बटालियन का जवान है, जबकि 15 वर्षीय स्कूली छात्र के पिता सहायक आरक्षक थे जिन्होंने नक्सलियों की धमकी के बाद पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने रविवार (अप्रैल 18, 2021) को 2 युवकों की जंगल में ले जाकर हत्या कर दी। मृतकों में एक की उम्र 21 साल थी और दूसरा 15 साल का नाबालिग था। नक्सलियों ने दोनों को मुखबिरी के आरोप में रविवार को जगरमुंडा थाना क्षेत्र में मिलमपल्ली इलाके में मारा।

सुकमा के एसपी के एल ध्रुव ने हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों द्वारा मिलमपल्ली गाँव में मारे गए दोनों युवकों के शवों को बरामद कर लिया गया है। बॉडी के पास पड़े नोट में नक्सलियों ने आरोप लगाया कि दोनों लड़के पुलिस के मुखबिर थे।

जानकारी के अनुसार, नक्सली इस इलाके के लोगों को नौकरी छोड़ने की धमकी देते थे। रविवार को नक्सलियों ने जिन दो युवकों को मारा इनमें 21 वर्षीय युवक का भाई बस्तर बटालियन का जवान है, जबकि 15 वर्षीय स्कूली छात्र के पिता सहायक आरक्षक थे, जिन्होंने नक्सलियों की धमकी के बाद पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी।

दोनों युवकों का शव मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि नक्सली दोनों युवकों को रात में घर से उठाकर जंगल की ओर ले गए थे और उसके बाद उनका शव मिला।

मालूम हो कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि जब नक्सलियों ने किसी बच्चे की हत्या की। यहाँ अमूमन नक्सली छात्रों का, बच्चों का उपयोग अपने लाभ के लिए करते हैं। कथित तौर पर पहले यहाँ बच्चों का ब्रेन वाश कर उन्हें अपने संगठन में भर्ती करते हैं, फिर उनसे सूचनाएँ, सामान लेने-देने का काम कराते हैं। 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि लगातार फोर्स नक्सलियों पर दबाव बना रही है। गाँवों में उनके सूचना तंत्र को तोड़ रही है। इसलिए नक्सली बौखलाए हैं और लगातार ग्रामीणों को मार रहे हैं। इसके पीछे उनकी मंशा गाँवों में दहशत फैलाना है, जिससे कोई उनके खिलाफ आवाज ना उठाए।

बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी सुकमा के दोरनापाल-जगरगुंडा इलाके में ही नक्सलियों ने एक शख्स की हत्या कर दी थी। मृतक इस इलाके में सड़क निर्माण के काम में लगा कर्मचारी था। उस दौरान नक्सलियों ने दो गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया था। इसी तरह जिले के ही भेज्जी थाने से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर पर पुलिस के दो जवानों की हत्या कर दी गई थी। वहीं 3 अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इसमें सुरक्षाबल के 23 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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