Homeदेश-समाजपश्चिम बंगाल में 5 महिला टीचरों ने पिया जहर, ममता सरकार की 'बहुत कम...

पश्चिम बंगाल में 5 महिला टीचरों ने पिया जहर, ममता सरकार की ‘बहुत कम सैलरी’ है वजह, देखें Video

वीडियो में टीचरों को जहर पीने के बाद तड़पती अवस्था में देखा जाता है। उनका कहना है कि उन्हें पढ़ाने के बदले केवल 10 हजार रुपए दिए जाते हैं और इस राशि में गुजर-बसर करना काफी मुश्किल होता जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में मंगलवार (अगस्त 24, 2021) को 5 महिला टीचरों ने बिकाश भवन में बने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के हेडक्वार्टर के सामने जहर खाकर जान देने की कोशिश की।

पत्रकार अनिंद्य बनर्जी ने घटना से संबंधित एक वीडियो को अपने ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो में टीचरों को जहर पीने के बाद तड़पती अवस्था में देखा जाता है। उनका कहना है कि उन्हें पढ़ाने के बदले केवल 10 हजार रुपए दिए जाते हैं और इस राशि में गुजर-बसर करना काफी मुश्किल होता जा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, टीचरों को बिधाननगर पुलिस ने परिसर में प्रवेश करने से मना किया था, जिसके बाद उन्होंने कीटनाशकों का सेवन किया। सभी टीचर्स को एनआरएस और आरजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और बाद में उनके पेट से जहर निकालने की कोशिश की गई। मंगलवार शाम तक सभी की स्थिति स्थिर थी लेकिन फिर भी दर रात तक सबको देख-रेख में रखा गया।

जानकारी के मुताबिक, पाँचों महिला टीचरों की पहचान अनीमा नाथ, छोबी दास, शिखा दास, पुतुल मंडल, जोशुआ टुडु और मंदिरा सरदार के तौर पर हुई है। ये सभी शिक्षक ओइक्यो मुक्ता मंच की सदस्य थीं और शिशु शिक्षा केंद्र (एसएसके) और माध्यमिक शिक्षा केंद्र (एमएसके) के शिक्षकों की सैलरी में वृद्धि, सेवाओं के नियमितीकरण की माँग कर रही थीं। इसके अलावा इनकी एक डिमांड ये भी थी कि ऐसे ट्रांसफर आदेशों को रद्द किया जाए जिनके कारण उन्हें घर से दूर जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

मंगलवार को ये सभी बिकाश भवन के सामने प्रोटेस्ट कर रही थीं कि तभी उनमें से 4 ने काला पदार्थ पी लिया और जमीन पर गिर गईं। इसके बाद उनके मुँह से झाग आने लगा। पार्श शिक्षक ओइक्यो मंच के संयुक्त संयोजक भगीरथ घोष ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए ‘तालिबानी रणनीति’ का इस्तेमाल कर रही है। उनकी माँग है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -