Homeसोशल ट्रेंडJDU के अंडरवियर वाले MLA बोले- पेट खराब था, यूजर्स ने पूछा- बवासीर होगी...

JDU के अंडरवियर वाले MLA बोले- पेट खराब था, यूजर्स ने पूछा- बवासीर होगी तो क्या नंगे घूमोगे?

एक यूजर लिखता है, “कभी पता ही नहीं था कि अंडरगार्मेंट में घूमना सफर में गड़बड़ाए पेटे के लिए सबसे अच्छी दवा है। आखिर एमबीबीएस की जरूरत ही क्या है जब गोपाल मंडल जैसे गजब के स्वास्थ्य सलाहकार हों?”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश यादव की पार्टी से विधायक गोपाल मंडल की एक तस्वीर तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में वह तेजस ट्रेन में केवल बनियान और अंडरवियर में घूमते नजर आ रहे हैं। तस्वीर के वायरल होने के बाद और मामले में हुई शिकायत को लेकर अब उनका बयान भी सामने आ गया है। अपने इस व्यवहार का कारण उन्होंने पेट की खराबी को बताया है।

जेडीयू विधायक गोपाल मंडल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “वास्तव में मैं अंडरवियर और बनियान में था, क्योंकि जैसे ही मैं ट्रेन चढ़ा और कुछ दूर गया तो मेरा पेट खराब था। मैं जो बोलता हूँ सत्य बोलता हूँ। झूठ मैं बोलता नहीं हूँ।”

इस बीच गोपाल के दोस्त कुणाल सिंह भी उनके बचाव में आए और कहा कि गोपाल डायबेटिक हैं और दिल्ली किसी काम से जा रहे थे। उनके मुताबिक गोपाल अपने वजन के कारण अपने कपड़ों के साथ वॉशरूम नहीं जा सकते थे तो उन्होंने लुंगी और गमछा पहना। ट्रेन के आने के बाद वह जल्दी में थे तो अंडरवियर में चले गए। तभी एक यात्री ने उनके रूखे ढंग से बात की। लेकिन उन्होंने उसे कुछ नहीं कहा। वॉशरूम से लौटते हुए उससे बात की।

मालूम हो कि जेडीयू विधायक की तस्वीर सामने आने के बाद कई लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं। एक यूजर उन्हें कहता है, “अगली बार बनियान मत पहनना, नीचे कुछ पहना है या नहीं, ये तो पता चलना चाहिए।”

मनीष नामक यूजर गोपाल मंडल के तर्क से सहमत नहीं होते और पूछते हैं, “पैंट पहन लेते तो क्या पेट बुरा मान जाता।”

एक यूजर इस बयान का मजाक बनाते हुए बताता है कि शायद गोपाल को डॉक्टर ने कहा होगा, “ट्रेन में कच्छा पहन कर रात भर राउंड मारो, ठीक हो जाओगे।”

दुग्गू सेठ पूछते हैं, “बवासीर हो जाएगी तो क्या नंगा घूमोगे?”

एक यूजर लिखता है, “कभी पता ही नहीं था कि अंडरगार्मेंट में घूमना सफर में गड़बड़ाए पेटे के लिए सबसे अच्छी दवा है। आखिर एमबीबीएस की जरूरत ही क्या है जब गोपाल मंडल जैसे गजब के स्वास्थ्य सलाहकार हों?”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -