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UP में बाराबंकी एसपी ऑफिस में धार्मिक पोस्टर क्यों, वहीं की पुलिस ने क्यों लिया संज्ञान? सोशल मीडिया पर बवाल की हकीकत

बाराबंकी एसपी अनुराग वत्स के पीछे जो पोस्टर लगी है, उसका मकसद धार्मिक न होकर पर्यटन को बढ़ावा देना है। जिले के पर्यटन स्थलों का कोलाज है यह पोस्टर, लोगों ने सिर्फ 'दरगाह' जैसी आकृति देख कर हंगामा शुरू कर दिया।

उत्तर प्रदेश में एक जिला है बाराबंकी। यहाँ के पुलिस अधीक्षक (मतलब एसपी) हैं अनुराग वत्स। हाल ही में इन्होंने पदभार संभाला। इसी दौरान मीडिया से बीतचीत भी की।

बाराबंकी के एसपी अनुराग वत्स जब मीडिया से बात करे थे, तो उनकी कुर्सी के पीछे वाली दीवार पर एक पोस्टर लगा दिखा। सोशल मीडिया पर इसको लेकर अब बवाल हो गया है। इस बवाल के बाद अब बाराबंकी पुलिस ने ही इस पर संज्ञान ले लिया है।

बाराबंकी एसपी, धार्मिक पोस्टर और सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि पुलिस अधिकारी के ऑफिस में आखिर धार्मिक पोस्टर क्यों है?

कुछ तो यहाँ तक लिख रहे हैं कि यदि इसी दीवार पर भगवान राम की फोटो होती तो अब तक सेकुलर और वामपंथी गैंग एसपी महोदय को #SameerWakhende की तरह किसी अन्य हैशटैग से निशाना बना चुकी होती।

अब जानते हैं कि आखिर बाराबंकी के एसपी अनुराग वत्स की कुर्सी के पीछे वाली दीवार पर जो तस्वीर लगी है, आखिर वो है कहाँ की और वो लगाई क्यों गई?

बाराबंकी का देवा शरीफ, पारिजात वृक्ष और लोधेश्वर मंदिर

लखनऊ से 42 किलोमीटर दूर और बाराबंकी से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है देवा शरीफ। यह हाजी वारिस अली शाह का जन्म स्थान है। 7 अप्रैल 1905 को इनका निधन हुआ था और इसी जगह पर एक इमारत बनवाई गई। बाराबंकी एसपी अनुराग वत्स की कुर्सी के पीछे वाली दीवार पर जो तस्वीर लगी है, उसके दाहिने साइड का हिस्सा इसी इमारत का है।

फोटो साभार: INDIAN OPINION TV

सोशल मीडिया पर जिन लोगों ने इस तस्वीर को लेकर बवाल किया, उन्होंने शायद पूरी वीडियो नहीं देखी होगी। वीडियो की शुरुआत में आपको पोस्टर के बाएँ साइड का भी हिस्सा दिखेगा। इस हिस्से में आपको एक पेड़ दिखाई देगा। दरअसल यह कोई आम पेड़ नहीं है। पारिजात वृक्ष है यह।

बाराबंकी से 38 किलोमीटर दूर एक गाँव है – किंतूर। गाँव का नाम पांडवों की माँ कुंती के नाम पर है। यहाँ कई प्राचीन मंदिर और खंडहर आपको दिखेंगे। इन्हीं मंदिरों में से एक का निर्माण कुंती ने करवाया था। इसी मंदिर के पास है यह पारिजात वृक्ष।

वीडियो की शुरुआत में इस वृक्ष से बाएँ आपको एक लाल-सफेद एक दूसरी आकृति भी दिखेगी। यह बाराबंकी के ही रामनगर तहसील में स्थित पौराणिक शिव मंदिर लोधेश्वर मंदिर की है। माना जाता है कि यह मंदिर महाभारत काल से भी पहले की है।

यह सारी जानकारी बाराबंकी जिला की वेबसाइट पर उपलब्ध है – पर्यटन वाले सेक्शन में। मतलब जिले के आला पुलिस अधिकारी (एसपी अनुराग वत्स) के पीछे जो पोस्टर लगी है, उसका मकसद धार्मिक न होकर पर्यटन को बढ़ावा देना है। सोशल मीडिया पर लोग इतना खोजते-पढ़ते नहीं हैं। अफसोस कि बाराबंकी पुलिस विभाग ने भी बिना जाँच-पड़ताल के अपने ही विभाग अध्यक्ष की फोटो पर संज्ञान ले लिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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