Homeराजनीतिअमित शाह और BSF को कोसने के बाद JDU प्रवक्ता ने खुद दिया इस्तीफ़ा

अमित शाह और BSF को कोसने के बाद JDU प्रवक्ता ने खुद दिया इस्तीफ़ा

11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था।

बिहार में एनडीए के सहयोगी जनता दल यूनाईटेड के प्रवक्ता अजय आलोक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आलोक ने ट्विटर पर अपने इस्तीफे की तस्वीर ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। आलोक ने अपनी और पार्टी की विचारधारा मेल न खाने के कारण ये कदम उठाया है।

अजय ने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है। साथ ही उन्होंने लिखा है कि वो उनके लिए शर्म का कारण नहीं बनना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने पद से इस्तीफ़ा दिया है। आलोक ने अपना इस्तीफा केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के काम पर सवाल उठाने के बाद दिया है।

दरअसल, 11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। साथ ही एक अन्य ट्वीट में उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों पर भी निशाना साधा था। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “सिर्फ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोसने से काम नहीं चलेगा अपने तंत्र को कसने की जरूरत है, खासकर तब जब अमित शाह हमारे गृह मंत्री हैं। अवैध घुसपैठ पे रोक अति आवश्यक है। अब नहीं होगा तो कब होगा।”

अजय आलोक ने बीएसएफ अधिकारियों को लेकर बुधवार को भी बड़ा बयान दिया था। मीडिया खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा था कि सीमा पर बीएसएफ के अधिकारी 5000 रुपये लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करवाते हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्विटर पर लिखा था कि बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात ऐसे बीएसएफ अधिकारी जो 7-8 वर्षों से वहीं पर जमे हुए हैं, उनकी संपत्ति की जाँच हो। उनका कहना है कि बांग्लादेशी शरणार्थी ऐसे ही भारत में नहीं आ गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गुजरात के अमरेली में युवक को मारने वाले चार शेरों को उम्रकैद: जानिए कैसे किसी शेर को घोषित किया जाता है ‘आदमखोर’ और क्या...

गुजरात के अमरेली की घटना से समझें कैसे किसी शेर को 'आदमखोर' घोषित किया जाता है और क्यों कई बार उसे हमेशा के लिए जंगल से हटाया जाता है।

पहलगाम आतंकी हमले पर UN रैपोर्टियर बेन सॉल ने दिए थे भारत विरोधी बयान, ऑपइंडिया ने उसी समय उठाए थे सवाल: जाँच में चीन...

UN वॉच की रिपोर्ट में बेन सॉल पर चीन से फंडिंग लेने और भारत के आतंकवाद-रोधी अभियानों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रुख अपनाने के आरोप लगे।
- विज्ञापन -