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आँख की पुतली काटी, पसली तोड़ी, शरीर को जलाया: 4 महीने तक बेटे-बहु करते रहे अत्याचार

3 दिन बाद, पड़ोस की महिला ने देखा कि वो बुजुर्ग महिला अपने घर की बालकनी में गिरी पड़ी है, उनके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं है और उनके शरीर पर जलने के निशान भी है। महिला की हालत देखते ही उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड को बताया और तुरंत एंबुलेंस बुलवाई।

दुबई में एक 29 वर्षीय भारतीय व्यक्ति की माँ की मौत के आरोप में अदालत ने व्यक्ति और उसकी पत्नी पर मामला दर्ज किया है। खबरों के मुताबिक शारीरिक रूप से मिली प्रताड़ना व्यक्ति की माँ की मौत का मुख्य कारण है क्योंकि जाँच में उनकी हड्डियों और पसलियों में फ्रैक्चर पाया गया है। साथ ही मीडिया रिपोर्टों में उनके शरीर में हुई इंटरनल ब्लीडिंग की बात भी सामने आई है और उनके शरीर पर जलने के निशान भी पाए गए हैं।

हालाँकि दंपत्ति की पहचान का अभी खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन कोर्ट की पहली सुनवाई में ये पता चल गया है कि उस व्यक्ति (आरोपित) ने और उसकी पत्नी ने अपनी माँ पर बेरहमों की तरह अत्याचार किया। माँ, जिसे भगवान का रूप कहा जाता है, उसके साथ इस दंपत्ति ने क्रूरता की हर सीमा पर दी। इन्होंने बुजुर्ग महिला की दाहिनी आँख की पुतली और बाईं आँख के कुछ भागों तक को काट दिया।

बुजुर्ग महिला पर बेटे-बहु द्वारा ये अत्याचार जुलाई 2018 से लेकर अक्टूबर 2018 तक चला। एक फॉरेंसिक डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बुजुर्ग महिला की मौत के समय उनका वजन 29 किलो था। जिसके मद्देनजर डॉक्टर ने उनकी मौत की एक वजह खाना न मिलने को भी बताया। फिलहाल, दंपत्ति को हिरासत में ले लिया गया है लेकिन उन्होंने अपने ऊपर लगे इल्जामों से साफ़ मना किया है।

गौरतलब है इस मामले को दुबई के अल-कसैस पुलिस थाने में एक 54 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज करवाया गया है, जो इस दंपत्ति की पड़ोसी होने के साथ अस्पताल की कर्मचारी भी हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले महिला (बुजुर्ग महिला की बहु) उनके घर अपनी बेटी को लेकर आई और बताया कि उनकी सास भारत से आई हैं, लेकिन वो उनकी लड़की का अच्छे से ध्यान नहीं रख पाती हैं और जब वो ख्याल रखती हैं तो बच्ची बीमार हो जाती है। महिला ने बताया, “वो चाहती थी कि मैं बच्ची का ध्यान रखूँ”

लेकिन 3 दिन बाद, उसी महिला ने देखा कि वो बुजुर्ग महिला अपने घर की बालकनी में गिरी पड़ी है, उनके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं है और उनके शरीर पर जलने के निशान भी है। महिला की हालत देखते ही उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड को बताया। फिर उन्होंने जाकर दरवाजे को दंपत्ति के घर का दरवाजा खटखटाया। वहाँ बुजुर्ग महिला जमीन पर पड़ी हुई थी, उनकी हालत बहुत गंभीर थी, उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता थी, इसलिए उन्होंने तुरंत एंबुलेंस बुलवाई।

महिला गवाह ने अपने बयान में बताया कि बुजुर्ग महिला को जब अस्पताल भेजा जाने लगा तो वो बहुत दर्द में थीं, उनके हाथ-पाँव सूज रखे थे। वो चिल्ला रही थी और कराह रही थी। जब महिला के बेटे से उनके जले शरीर के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उन्होंने अपने ऊपर गर्म पानी डाल लिया था।

जानकारी के अनुसार महिला गवाह ने यह भी बताया कि लड़का अपनी माँ से दूर-दूर रह रहा था, यहाँ तक उसने उस समय भी मदद नहीं की जब उन्हें उठा कर एंबुलेंस में ले जाया जा रहा था। अस्पताल पहुँचने के बाद डॉक्टर ने अपनी जाँच में बताया कि बहुत थोड़े समय में बुजुर्ग महिला पर बहुत अत्याचार हुए। उनके शरीर पर जलने के निशान मिले। जाँच में बताया गया कि उनकी हड्डियाँ और पसलियाँ भी फ्रैक्चर थीं, उनकी आँख की पुतली पर कट था और आतंरिक ब्लीडिंग हो रही थी। डॉक्टर का कहना था कि उन्हें अलग-अलग औजारों से मारा और जलाया गया है, उनकी देखरेख नहीं हुई और उन्हें भूखा रखा गया, जिसके कारण उनकी ऐसी हालत हुई। हॉस्पिटल के मुताबिक उनकी मौत 31 अक्टूबर 2018 को हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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