Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेकTMC नेताओं ने शेयर की 'मोदी और योगी को गाली' जैसे नारे वाली फर्जी...

TMC नेताओं ने शेयर की ‘मोदी और योगी को गाली’ जैसे नारे वाली फर्जी वीडियो: ट्विटर ने लगाया ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ का टैग

टीएमसी नेता जवाहर सरकार ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा है, “वाह। मोदी की काशी परिक्रमा के दौरान प्रदर्शन। हिम्मत है। गोदी मीडिया इसे नहीं दिखाएगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध नफरत देख तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता रिजू दत्ता और जवाहर सरकार इतने उत्साहित हो गए कि उन्होंने एक एडिटिड (फर्जी दावे वाली) वीडियो को शेयर करके अपनी खुशी ट्विटर पर जाहिर कर दी। इन लोगों ने काशी विश्वनाथ दौरे के समय रिकॉर्ड की गई पीएम मोदी और सीएम योगी की एक वीडियो को शेयर किया और दावा किया कि लोग कैसे दोनों नेताओं का विरोध कर रहे हैं लेकिन गोदी मीडिया इसे नहीं दिखाएगा।

अपने ट्वीट में रिजू दत्ता ने बताया कि काशी परिक्रमा के समय लोगों ने ‘मोदी हाय-हाय और योगी चोर है’ के नारे बुलंद किए थे। मगर दुर्भाग्यवश गोदी मीडिया ये सच्चाई नहीं दिखाएगा। टीएमसी के दूसरे नेता जवाहर सरकार ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “वाह। मोदी की काशी परिक्रमा के दौरान प्रदर्शन। हिम्मत है। गोदी मीडिया इसे नहीं दिखाएगी।”

टीएमसी नेताओं द्वारा शेयर वीडियो में देख सकते हैं कि मोदी योगी के पीछे भीड़ तेज-तेज चिल्ला रही है। दृश्य ऐसा है कि कोई भी देखकर समझ ले कि जो टीएमसी नेता ने बताया है वही सच है।

हालाँकि, वास्तविकता क्या है इसका भंडाफोड़ ट्विटर यूजर अंकुर सिंह ने घटना की असली वीडियो शेयर करके किया। ये वीडियो तब की है जब 13 दिसंबर को कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद पीएम देर रात परिक्रमा पर निकले। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी दोनों चल रहे हैं और भीड़ लगातार उनका अभिवादन कर रही है। इसी अभिवादन को म्यूट करके ‘मोदी हाय-हाय’ और ‘योगी चोर’ का ऑडियो वीडियो के साथ जोड़ा गया, जिसे शेयर करके टीएमसी नेता गोदी मीडिया को कोस रहे हैं।

दिलचस्प बात ये है ट्विटर ने भी इस ट्वीट को अब मैनिपुलेटेड मीडिया की श्रेणी में रख दिया है। ये टैग जवाहर सरकार के ट्वीट के साथ नजर आ रहा है। ये जवाहर सरकार वहीं शख्स हैं जिन्हें नरेंद्र मोदी से पहले से दिक्कत रही है। साल 2014 में जब चुनाव होने थे तो सरकार प्रसार भारती के सीईओ थे। इन्होंने कॉन्ग्रेस को खुश करने के लिए पीएम मोदी के इंटरव्यू से कई हिस्सों को कटवा दिया था। बाद में इनका विरोध हुआ था और वीडियो के क्लिप काटने की बात स्वीकारी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।

‘BJP सहयोगियों को खा जाती है’: अन्नामलाई के जाने के बाद फिर उठा पुराना आरोप, लेकिन बिहार से महाराष्ट्र तक क्या कहते हैं तथ्य?

अन्नामलाई के जाने के बाद BJP पर सहयोगियों को कमजोर करने का आरोप फिर चर्चा में है। बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब और UP के उदाहरणों से जानिए सच्चाई।
- विज्ञापन -