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गणेश की पीट-पीटकर हत्या की तस्वीरें, दावा- जफर को हिंदू संगठन के लोगों ने मार डाला

वायरल वीडियो पर यूपी पुलिस की फैक्ट चेक टीम ने जानकारी दी हुई है कि वायरल वीडियो यूपी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जनपद धार का है।

सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो वायरल है। इसमें सैंकड़ों की भीड़ कुछ युवकों को पीटती दिख रही है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ये यूपी के कौशांबी की है और पीड़ितों में एक का नाम जफर है जिसे हिंदू संगठन की भीड़ ने पीट-पीट कर मारा डाला। घटना के आधार पर योगी सरकार से सवाल किए जा रहे हैं कि क्या ये है सबका साथ सबका विकास?

अब इस वीडियो के साथ होते दावे बिलकुल ऐसे हैं जैसे घटना वर्तमान की हो। जब ये वीडियो ऑपइंडिया के पास आई तो हमने इसे लेकर होते दावों की प्रमाणिकता जाँचने के लिए कौशांबी पुलिस और यूपी पुलिस का ट्विटर खंगाला। इस क्रम में हमें शुरुआत में ही खबर और इसके दावों की सच्चाई पता चल गई।

देख सकते हैं कि वायरल वीडियो पर यूपी पुलिस की फैक्ट चेक टीम ने जानकारी दी हुई है कि वायरल वीडियो यूपी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जनपद धार का है। यूपी पुलिस की फैक्ट चेक टीम ने जहाँ अपील की कि ऐसी अफवाहें न फैलाई जाएँ। वहीं कौशांबी पुलिस ने ट्वीट में लिखा, “वर्ष 2020 में थाना मनावर जनपद धार, मध्य प्रदेश में घटित घटना के वीडियो को जनपद कौशाम्बी का वीडियो बताकर, उसको वायरल कर भ्रामक खबर फैलाने वालों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।”

क्या थी पूरी घटना, जहाँ मारा गया गणेश

अब बात करें इस पूरी घटना की तो हमने यूपी पुलिस द्वारा मुहैया जानकारी पर 2 साल पहले की रिपोर्ट्स को खंगाला और पाया कि भीड़ ने बच्चा चोरी की अफवाह सुनने के बाद युवकों को मारना शुरू किया। और जैसा कि आज के दावे हैं कि दो युवक पीटे गए…पुरानी रिपोर्ट्स बताती हैं कि भीड़ ने 6 लोगों को पकड़ा था। जहाँ ज्यादा पीटे जाने से 1 की मौत हो गई और पाँच गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पुलिस ने इस मामले में बताया था कि पूरा मामला पैसों की लेन-देन का था। जहाँ 100 से ज्यादा लोगों ने गाँव में आए लोगों को पीटा। कथिततौर पर गाँव में रहने वाले कुछ मजदूरों ने इन लोगों से एडवांस पैसे ले लिए थे और इनके यहाँ काम करने नहीं आते थे। पुलिस का कहना था कि जो लोग पीटे गए उन्हें पैसे वापस करने के नाम पर बुलाया गया और फिर उनकी गाँव में पिटाई हुई। घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन पर हमला किया गया वे सब लोग किसान थे और उज्जैन जिले के लिंबी पिपलिया गाँव से थे। इन्होंने कुछ लोगों को अपने खेतों में काम करने के लिए रखा लेकिन कुछ दिन बाद काम पर आना बंद कर दिया। जब बात हुई तो इन्हें पैसे लेने गाँव बुलाया गया, मगर वहाँ पैसे देने की बजाय इन्हें बच्चा चोर बताकर इनसे मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद इन्हें दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा गया। मारे गए व्यक्ति की पहचान शिवपुर खेड़ा गाँव के गणेश खासी के तौर पर हुई थी। इसके अलावा बाकी अन्य भी पिपलिया के थे और एक शिवपुर खेड़ा का था।

बीबीसी की रिपोर्ट में प्रकाशित मृतक का नाम

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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