Homeराजनीतिसेक्स चेंज करवाने पर मिलेंगे ₹1.5 लाख रुपए: किन्नरों पर मेहरबान हुई बिहार सरकार

सेक्स चेंज करवाने पर मिलेंगे ₹1.5 लाख रुपए: किन्नरों पर मेहरबान हुई बिहार सरकार

राज्य सरकार द्वारा नवगठित बोर्ड अन्य राज्यों में किन्नरों को मिल रही सुविधाओं का अध्ययन करेगा। इसके बाद बिहार के किन्नरों को सुविधाएँ देने के लिए योजनाएँ बनाई जाएँगी।

बिहार सरकार ने सेक्स बदलवाने पर वित्तीय मदद देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने किन्नर कल्याण बोर्ड का भी गठन किया है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि किन्नरों के हितों की रक्षा हर हाल में किए जाएगी। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, “किन्नर हमारे समाज के ही अंग हैं। अगर कोई व्यक्ति सेक्स परिवर्तित कराता है तो बिहार सरकार डेढ़ लाख रुपए वित्तीय मदद के रूप में देगी।

पटना के प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित किन्नर महोत्सव को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा, “अगर कोई व्यक्ति किन्नरों को किराए पर मकान देने से इनकार करता है, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ देने में भेदभाव करता है, इसके अलावा इनके अधिकारों का हनन करता है, तो उन्हें छह माह से लेकर दो साल तक की सज़ा दी जा सकती है।” राज्य सरकार द्वारा नवगठित बोर्ड अन्य राज्यों में किन्नरों को मिल रही सुविधाओं का अध्ययन करेगा। इसके बाद बिहार के किन्नरों को सुविधाएँ देने के लिए योजनाएँ बनाई जाएँगी।

कार्यक्रम के मंच पर किन्नरों ने अपनी कलाकारी दिखाई। कई राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। उद्योग मंत्री श्याम रजक ने इस महोत्सव को किन्नरों को आत्मबल देने वाला कार्यक्रम बताया। किन्नर महोत्सव 2016 से ही प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता रहा है। कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने किन्नरों को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताया।

उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा किन्नर महोत्सव को लेकर साझा की गई जानकारियाँ

बता दें कि इंसेफ्लाइटिस के कारण राज्य में 150 से भी अधिक बच्चों की मौत हो गई है और केंद्र से लेकर राज्य स्तर के नेताओं द्वारा दौरे करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नज़र नहीं आया। इसके अलावा गर्मी में लू के कारण भी 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण लोगों के निशाने पर आई बिहार सरकार ने बाढ़ को लेकर भी ज़रूरी इंतजाम नहीं किए हैं। बिहार के कई जिलों में पानी भर चुका है और जल-निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई इलाक़े जलमग्न हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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