मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की एक नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को कैशलेस इलाज मुहैया कराता है। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
दुर्घटना की चपेट में कोई भी आ सकता है। ऐसे कठिन समय में डबल इंजन सरकार उस व्यक्ति एवं उसके परिवार के साथ पूर्ण संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और विश्वास के साथ खड़ी है, ताकि उन्हें हर संभव सहायता और संबल मिल सके।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 26, 2026
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योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों- कर्मचारियों और उनके आश्रितों को लाभ पहुँचाने के बाद आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रित परिजनों को स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रदान करने वाली ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का रविवार (26 जुलाई 2026) को आगरा से शुभारंभ किया।
क्या कहा सीएम योगी ने
आगरा में योजना के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। आर्थिक कारणों से किसी शिक्षक या उसके परिवार का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। यह योजना शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षकों के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना की चपेट में कोई भी आ सकता है। ऐसे कठिन समय में डबल इंजन सरकार उस व्यक्ति एवं उसके परिवार के साथ पूर्ण संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और विश्वास के साथ खड़ी है, ताकि उन्हें हर संभव सहायता और संबल मिल सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित करने के साथ ही शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
सीएम योगी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राज्य के शिक्षक इस योजना का समुचित लाभ लेते हुए प्रदेश एवं देश की एकता, अखंडता और प्रगति में अपना योगदान देंगे। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को इसके लिए बधाई दी।
योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों के पात्र शिक्षा कर्मियों को शामिल किया गया है, इनमें बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय के कर्मचारी और कुछ दूसरे शिक्षा विभाग के कर्मचारी और उनके पात्र और आश्रित शामिल हैं।
योजना की खासियत क्या है
₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज- योजना के तहत हर पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। ये लाभ न सिर्फ शिक्षक या शिक्षा विभाग के कर्मचारी को मिलेगा, बल्कि उनपर आश्रित परिजनों को भी इसका लाभ मिलेगा।
सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज- योजना के तहत राज्य सरकार से संबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार कराया जा सकेगा।
हेल्थ कार्ड की व्यवस्था: पात्र शिक्षकों को डिजिटल या हार्ड कॉपी हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर अस्पताल में कैशलेस भर्ती कराया जा सकता है और इलाज कराया जा सकता है।
आयुष्मान भारत की पैकेज दरों पर उपचार- योजना के माध्यम से सूचीबद्ध सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलेगा। इनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, जटिल सर्जरी सहित कई गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा। योजना का संचालन साचीज के माध्यम से किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन- इलाज आयुष्मान भारत की निर्धारित पैकेज दरों के हिसाब से होगा। आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और हेल्थ कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह विशेष रूप से शिक्षकों के लिए समर्पित कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों और आयुष्मान भारत के पात्र लाभार्थियों के लिए अलग-अलग स्वास्थ्य योजनाएं थीं, लेकिन शिक्षकों के लिए अलग समर्पित कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था नहीं थी।
भारत के कई राज्यों में कर्मचारियों या विशेष वर्गों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजनाएँ चल रही हैं, लेकिन किसी भी राज्य में सिर्फ शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए कोई योजना नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों व उनके आश्रितों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
इससे पहले माध्यमिक और प्राइमरी शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए इस योजना का क्रियान्वयन 8 जुलाई 2026 को किया गया। योजना में गंभीर बीमारियों, सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग समेत करीब 1900 उपचार पैकेज शामिल हैं। इस पहल से करीब 12 लाख शिक्षक, रसोइये और अन्य कार्मिक परिवारों को लाभ मिल रहा है।


