Homeदेश-समाजबाढ़ प्रभावित असम में 62 लोगों की मौत, कई लापता: कई गाँव हुए जलमग्न,...

बाढ़ प्रभावित असम में 62 लोगों की मौत, कई लापता: कई गाँव हुए जलमग्न, 30 लाख प्रभावित, PM मोदी ने CM सरमा से की बात

आपदा से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए राज्य भर में लगभग 500 राहत कैंप बनाए गए हैं। वर्तमान समय में करीब 1.50 लाख बाढ़ प्रभावित लोग विभिन्न राहत शिविरों में हैं।

उत्तर-पूर्वी राज्य असम (Assam) बाढ़ और भूस्खलन की विभीषिका झेल रहा है। बाढ़ के कारण राज्य में 62 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, 500 से अधिक जानवर भी इसमें बह गए हैं। प्रभावित लोगों को विभिन्न जगहों पर राहत कैंपों में रखा गया है।

बाढ़ के कारण राज्य के 32 जिलों के 4,291 गाँव प्रभावित हुए हैं और लगभग 66,500 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। हालाँकि, बड़े पैमाने पर राहत कार्य का काम जारी है।

राज्य में ब्रह्मपुत्र, बेकी, मानस, पगलाडिया, पुथिमारी, कोपिली और जिया-भराली जैसी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के बहाव और जलस्तर के कारण कई तटबंध टूट गए हैं। वहीं सड़कें, पुलों और नहरों को भारी नुकसान हुआ है।

जो जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं उनमें बजली, बक्सा, बारपेटा, विश्वनाथ, बोंगाईगांव, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा-हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, होजई, कामरूप, कामरूप (एम), कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, दक्षिण सलमारा, तामूलपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी शामिल हैं।

आपदा से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए राज्य भर में लगभग 500 राहत कैंप बनाए गए हैं। वर्तमान समय में करीब 1.50 लाख बाढ़ प्रभावित लोग विभिन्न राहत शिविरों में हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa sarma) से स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 जून 2022) को ट्वीट कर कहा, “आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात की और राज्य में बाढ़ के कारण स्थिति का जायजा लिया। केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मैं बाढ़ से प्रभावित असम के लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम की प्रार्थना करता हूँ।”

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों के बातचीत की। वहीं, अधिकारियों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। वहीं, राज्य के रंगिया के मोरंजना क्षेत्र में बाढ़ के पानी की वजह से नेशनल हाइवे डूब गया है और लोग वहाँ मछली पकड़ रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘गाय काटेंगे और बस स्टैंड पर ही बीफ बेचेंगे’: SDPI के रियाज फरंगीपेट को अदालत ने सुनाई कारावास, जानिए कट्टरपंथी नेता से जुड़े हैं...

अदालत ने फैसले में कहा कि रियाज का 2015 में दिया गया भाषण दो समुदायों के बीच शांति भंग करने वाला था और ऐसे कृत्यों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

जयललिता से तृषा कृष्णन तक: कैसे तमिलनाडु की राजनीति में बार-बार निशाने पर आईं महिलाएँ

जयललिता से तृषा कृष्णन तक मामला बताता है कि तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं को कैसे निशाना बनाया जाता है। एक विधानसभा के अंदर का तो दूसरा राजनीतिक मंच का।
- विज्ञापन -