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चाचा+भतीजा सरकार के पहले ही दिन बिहार में पत्रकार की हत्या: बाइक सवारों ने मारी गोलियाँ, इसी तरह पिछली सरकार में मारे गए थे राजदेव रंजन

हिंदी दैनिक ‘हिंदुस्तान’ के पत्रकार राजदेव रंजन की सीवान में 13 मई 2016 को घर जाते समय पाँच बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें से एक आरोपित कैफ को शहाबुद्दीन के काफिले में देखा गया था। इसके साथ ही उसकी तस्वीर राजद नेता तेज प्रताप यादव से साथ भी वायरल हुई थी।

बिहार में सरकार बदलते ही ‘जंगलराज’ के लक्षण की झलक मिल गई है। इधर जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और राजद सुप्रीमो लालू यादव (Lalu Yadav) के बेटे तेजस्वी (Tejashwi Yadav) मिलकर सरकार बना रहे थे, उधर बिहार में एक पत्रकार की दिनदहाड़े हत्या हो रही थी।

घटना बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला थाने के गोपालामारण गाँव के पास की है। यहाँ अपराधियों ने दैनिक प्रभात खबर के पत्रकार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने पाँच गोलियाँ मारीं, जो पत्रकार के सीने और सिर में लगीं और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, बाइक सवार अपराधियों ने जिस पत्रकार को गोली मारी है, उसका नाम गोकुल यादव है। गोकुल यादव की उम्र 35 साल है और वह सिमुलतला इलाके के लीलावरण गाँव का रहने वाले थे।

बताया जा रहा है कि गोकुल लगभग 11 बजे फसल में डालने के लिए दवा लाने के लिए सिमुलतला के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान घर से लगभग एक किलोमीटर दूर दो बाइक पर सवार पाँच अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोली चलानी शुरू कर दी। पहले से ही घात लगाकर बैठे अपराधियों के इस हमले में पत्रकार की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के पीछे पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश बताई जा रही है। गोकुल यादव की पत्नी इस बार पंचायत चुनाव में खुरंडा पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ी थी, लेकिन जीत नहीं पाई। कहा जा रहा है कि चुनाव लड़ने के कारण गाँव के कुछ लोगों ने हाल ही में यादव के साथ मारपीट भी की थी। थाने में दोनों तरफ से केस भी दर्ज कराया गया था।

मृतक के पिता नागेंद्र यादव के अनुसार, पंचायत चुनाव के कारण ही इस हत्या को अंजाम दिया गया है। जिन लोगों ने पूर्व में इसके साथ मारपीट की थी, उन्हीं लोगों ने इसकी हत्या की है। परिजनों से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज कर लिया है और मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पिछले राजद-जदयू सरकार में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या

पिछली बार भी जब राजद के साथ मिलकर नीतीश कुमार ने सरकार बनाई थी, तब सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में सिवान से राजद के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन का नाम सामने आया था।

इस मामले में नीतीश कुमार की खूब किरकिरी हुई थी। राजदेव रंजन की पत्नी आशा ने नीतीश कुमार की पुलिस पर अविश्वास जताते हुए सीबीआई जाँच की माँग की थी। इसके बाद नीतीश कुमार अपनी गर्दन छुड़ाते हुए इस केस को सीबीआई को सौंप दिया था। यह मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है।

बता दें कि हिंदी दैनिक ‘हिंदुस्तान’ के पत्रकार राजदेव रंजन की सीवान में 13 मई 2016 को घर जाते समय पाँच बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें से एक आरोपित कैफ को शहाबुद्दीन के काफिले में देखा गया था। इसके साथ ही उसकी तस्वीर राजद नेता तेज प्रताप यादव से साथ भी वायरल हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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