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कर्नाटक के तुमकुरु में भी वीर सावरकर का पोस्टर फाड़ा, शिवमोगा में बवाल पर बोले कॉन्ग्रेस नेता- मुस्लिमों के इलाके से टीपू सुल्तान को क्यों हटाया

तुमकुरु से पहले शिवमोगा में इसी मामले पर काफी बवाल हुआ था। दो गुटों की झड़प और एक व्यक्ति को चाकू घोंपे जाने के बाद वहाँ प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी थी।

कर्नाटक के शिवमोगा के बाद अब तुमकुरु में भी मंगलवार (16 अगस्त 2022) को वीर सावरकर के पोस्टर फाड़े जाने की घटना प्रकाश में आई है। अराजक तत्वों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सड़कों पर लगाए गए पोस्टर्स को फाड़ा

तुमकुरु के एसपी राहुल कुमार ने बताया, “वीर दामोदर सावरकर का एक पोस्टर तुमकुरु में अशोका रोड पर लगा था जिसे 15 कुछ अज्ञात लोगों ने माहौल बिगाड़ने की नीयत से फाड़ दिया। हमने केस को दर्ज किया है। आगे की जाँच की जा रही है।”

इस बीच पूर्व सीएम व विपक्ष के नेता सिद्धारमैया का बड़ा अटपटा बयान मीडिया में आया। उन्होंने अराजक तत्वों को दोषी ठहराने की बजाय पूछा, “आखिर उन्होंने मुस्लिम इलाकों में सावरकर के पोस्टर क्यों लगाए और टीपू सुल्तान के क्यों हटाए? ये बीजेपी की डबल स्टैंडर्ड पॉलिटिस्क्स है।”

शिवमोगा में बवाल

बता दें कि इससे पहले शिवमोगा में इसी मामले पर बवाल हुआ था। दो गुटों की झड़प और एक व्यक्ति को चाकू घोंपे जाने के बाद वहाँ प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी थी। शिवमोगा की घटना में हिंदूवादी संगठनों ने अहमद सर्किल पर वीर सावरकर की फोटो को लगाया था, जिसके कुछ देर बाद वहाँ टीपू सुल्तान का झंडा लेकर दूसरे समुदाय के युवक पहुँच गए और तस्वीर को हटाने की कोशिश की गई। देखते ही देखते दोनों समुदायों के बीच बहस शुरु हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। मगर उपद्रवी नहीं रुके। अंत में शिवमोगा पुलिस को धारा 144 लागू करनी पड़ी।

चश्मदीदों ने पूरे बवाल को लेकर कहा था, 15 अगस्त को जब पूरा देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ की खुशी में डूबा था, तब वीर सावरकर का पोस्टर फाड़ने 50-60 गुंडे इकट्ठा होकर आए और उन्होंने तिरंगे के अगल-बगल में लगाए गए पोस्टर्स को फाड़ दिया। चश्मदीदों के मुताबिक ऐसा करते समय न केवल स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया गया बल्कि तिरंगे को भी अपमानित किया गया।

वहीं जिस व्यक्ति को पूरे बवाल के बीच कट्टरपंथियों ने चाकू घोंपा। उसे लेकर भी चश्मदीदों ने बताया कि उस व्यक्ति ने शायद माथे पर तिलक लगा रखा था। ऐसे में जब पूरा बवाल हुआ और वो अपने घर लौटने लगा तो कुछ लोगों ने उसे पकड़ा और उसे चाकू घोंप दिया। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना के संबंध में 4 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। इनमें से तीन का नाम अब्दुल, नदीम और जबीउल्लाह है। जबीउल्लाह को मुख्य आरोपित बताया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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