Homeविविध विषयमनोरंजनइस बार विजय सलगांवकर ने कबूल लिया अपना अपराध! अक्षय खन्ना की एंट्री से...

इस बार विजय सलगांवकर ने कबूल लिया अपना अपराध! अक्षय खन्ना की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस, दृश्यम 2′ के ट्रेलर को लोगों ने बताया शानदार

अजय देवगन ने भी फिल्‍म के ट्रेलर को शेयर किया है और साथ ही इसकी टैगलाइन्स भी लिखी है। उन्होंने कहा कि शब्‍दों पर नहीं, दृश्यों पर ध्यान दो, क्योंकि शब्दों में झूठ छुपने की जगह ढूँढ ही लेता है।

आखिरकार ‘दृश्यम 2’ के ट्रेलर को रिलीज कर दिया गया। इससे पहले बनी ‘दृश्यम’ फिल्‍म तो थी वैसे इसी नाम से बनी मलयालम फिल्‍म का रीमेक, लेकिन लोगों ने हिंदी में बनी इस फिल्‍म के डायरेक्‍शन और अजय देवगन संग अन्य कलाकारों की एक्टिंग को काफी सराहा था। ‘विजय सलगांवकर’, यानी अजय देवगन जिस तरह से अपनी फैमिली को प्रोटेक्‍ट करते हैं, वह देखने लायक था।

दृश्यम को वर्ष 2015 में रिलीज किया गया था और फिल्‍म का डायरेक्‍शन निशिकांत कामत ने किया था। कामत अब इस दुनिया में नहीं रहे, ऐसे में यह देखना दिलचस्‍प रहेगा कि क्‍या ‘दृश्यम 2’ के डायरेक्‍शन में भी वही जादू दिख पाएगा। इस बार फिल्‍म का डायरेक्‍शन अभिषेक पाठक ने किया है। हालाँकि ट्रेलर देखकर लगता नहीं कि फिल्‍म के कलेवर में कोई बदलाव किया गया है।

वही हाव-भाव, सभी की दमदार एक्टिंग को ट्रेलर में साफ देखा जा सकता है। लेकिन इस बार फिल्‍म में जबरदस्‍त एक्‍स फैक्‍टर है। वो एक्‍स फैक्‍टर हैं दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय खन्‍ना। ट्रेलर से ही साफ अनुमान लग जाता है कि फिल्‍म मे अजय देवगन और अक्षय खन्ना की जबरदस्‍त भिड़ंत होने वाली है। हालाँकि तब्‍बू इस बार में एक पुलिस ऑफिसर की हैसियत से नहीं बल्कि एक माँ के रूप में इस केस से जुड़ती हैं। अक्षय और तब्बू, विजय को सोचने का समय नहीं देते हैं और अजय देवगन पर दबाव डालते हैं।

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक ‘दृश्यम’ ने वर्ल्‍डवाइड कुल 107.87 करोड़ रुपए की कमाई की थी। फिल्‍म ने ओपनिंग डे पर भारत में 5.8 करोड़ रुपए की कमाई की थी, लेकिन माउथ पब्लिसिटी और कसी हुई कहानी के दम पर बाद में अच्‍छी कमाई कर ली थी।

ट्रेलर के अंत में विजय अपना कन्फेशन रिकॉर्ड करवाते नजर आते हैं। इसे देखकर हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार सलगांवकर परिवार पुलिस से बच पाएगा? पिछली फिल्‍म में पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद सलगांवकर परिवार नहीं टूटता है और पुलिस से बच निकलता है। खैर, अंत में क्‍या होगा, ये न तो ट्रेलर में रिवील किया गया है और न ही अनुमान लगाया जा सकता है। ये तो 18 नवंबर को फिल्‍म देखने के बाद ही पता चलेगा।

अजय देवगन ने भी फिल्‍म के ट्रेलर को शेयर किया है और साथ ही इसकी टैगलाइन्स भी लिखी है। उन्होंने कहा कि शब्‍दों पर नहीं, दृश्यों पर ध्यान दो, क्योंकि शब्दों में झूठ छुपने की जगह ढूँढ ही लेता है।

ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस फिल्‍म को लेकर काफी प्रतिक्रिया मिल रही है। मूवी क्रिटिक रोहित जायसवाल अजय देवगन की शानदार एक्टिंग की तारीफ करते हुए लिखते हैं कि यह शानदार होने वाला है।

मूवी क्रिटिक तरण आदर्श ने फायर का इमोजी बनाकर ट्रेलर को शानदार बताया है।

वहीं सुमित कादल नाम के टिवटर यूजर इस फिल्‍म के ट्रेलर को शानदार बता रहे हैं। सुमित का कहना है कि लोगों को अक्षय खन्‍ना और अजय देवगन के बीच तल्‍खी थियेटर तक लेआएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -