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सिर मुंडवाया, लाल कपड़े पहने…बन गई बौद्ध भिक्षु: 3 साल से पहचान छिपाकर दिल्ली में रह रही थी चीनी महिला, जासूसी का शक होने पर गिरफ्तार

चीनी महिला 3 साल से मजनू के टीला इलाके में बौद्ध भिक्षु की वेशभूषा में रह रही थी। उसके पास से कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। इसमें उसका नाम डोल्मा लामा है और पता काठमांडू का लिखा हुआ है। लेकिन फॉरेन रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की जाँच में पता चला है कि महिला चीन के हैनान प्रांत की रहने वाली है।

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने मजनू का टीला इलाके से एक चीनी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला चीन के हैनान प्रांत की रहने वाली है। उसका नाम काय रुओ (Cai Ruo बताया जा रहा है। चीनी महिला पर भारत में फर्जी पहचान पत्र बनाकर रहने और जासूसी करने का आरोप लगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को गिरफ्तार की गई चीनी महिला के नेपाल के रास्ते भारत में आने का संदेह जताया जा रहा है। वह 3 साल से मजनू के टीला इलाके में बौद्ध भिक्षु की वेशभूषा में रह रही थी। काय रुओ के पास से कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। इसमें उसका नाम डोल्मा लामा है और पता काठमांडू का लिखा हुआ है। लेकिन फॉरेन रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की जाँच में पता चला है कि महिला चीन के हैनान प्रांत की रहने वाली है। वह अंग्रेजी, चीनी और नेपाली भाषा जानती है।

पुलिस ने उसके खिलाफ कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता उसे जान से मारना चाहते थे, इसलिए वह उनसे बच रही है। दिल्ली पुलिस महिला से जुड़ी और जानकारी जुटाने में जुट गई है। साथ ही ये जानने की कोशिश भी कर रही है कि दिल्ली में उसके और कितने साथी हैं।

फॉरेन रजिस्ट्रेशन ऑफिस के मुताबिक चीनी महिला काय रुओ साल 2019 में चाईनीज पासपोर्ट पर भारत आई थी। इसके बाद उसने बौद्ध भिक्षुओं की तरह अपना सिर मुंडवाया और उनके जैसे पारंपरिक गहरे लाल रंग के कपड़े पहनकर मजनू का टीला इलाके में रहने लगी। संदिग्ध हाव-भाव के चलते दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को काफी दिनों से उसके ऊपर शक था।

बता दें कि भारत सरकार ने 1959 में मजनू का टीला में तिब्बत से आए शरणार्थियों को रहने की अनुमति दी गई थी। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के नजदीक है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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