Homeदेश-समाजमुस्लिम बस्ती में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, 300 किलो प्रतिबंधित गोमांस बरामद: 17...

मुस्लिम बस्ती में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, 300 किलो प्रतिबंधित गोमांस बरामद: 17 मवेशियों को मुक्त कराया गया, जुमे के दिन बढ़ जाता था कारोबार

इस मामले में पुलिस ने मांस बेचने व खरीदने वाले इमरान, पप्पू समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, वधशाला से तीन मवेशियों के मांस, मवेशियों को काटने में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का बोटा, चापड़ समेत कई अन्य सामान्य बरामद किए हैं।

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका इलाके में चल रही अवैध बूचड़खाने में पुलिस ने छापेमारी करते हुए 300 किलो प्रतिबंधित मांस के साथ 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह वधशाला मुस्लिम बाहुल्य बस्ती में चल रही थी। पुलिस ने यह कार्रवाई शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) की सुबह करीब 6:30 बजे की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका इलाके अंतर्गत स्थित हल्दीपोखर में मुस्लिम बाहुल्य बस्ती है। इस बस्ती में पुलिस ने करीब साढ़े चार घण्टे तक छापेमारी की है। एएसपी लॉ एंड ऑर्डर सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर काटने के लिए रखे गए 17 मवेशियों को भी मुक्त कराया है।

इस मामले में पुलिस ने मांस बेचने व खरीदने वाले इमरान, पप्पू समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, बूचड़खाना से तीन मवेशियों के मांस, मवेशियों को काटने में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का बोटा, चापड़ समेत कई अन्य सामान्य बरामद किए हैं।

‘हिंदुस्तान’ ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि झारखंड पुलिस ने गुरुवार (22 दिसंबर, 2022) को जमशेदपुर के साकची से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपित से हुई पूछताछ में सामने में आया था कि वह हल्दीपोखर से मांस लाता था। साथ ही, उसने यह भी खुलासा किया था कि हल्दीपोखर में शुक्रवार को भारी मात्रा में मांस का कारोबार होता है। ऐसे में, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए छापेमारी की और मौके से आरोपितों को गिरफ्तार किया।

साथ ही, तीन मवेशियों का कटा हुआ मांस (करीब 300 किलो मांस) बरामद किया। जब्त मांस को हल्दीपोखर पश्चिम ग्राम पंचायत के पीछे खुदाई कर गड़ाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई में मुस्लिम बस्ती में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद स्थानीय निवासियों में गुस्सा है। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए माँग की है कि अवैध मांस का यह व्यापार बंद होना चाहिए। साथ ही, इस धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -