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लकड़ी की दुकान से जलावन चुरा कर ले गए पुलिस वाले: बिहार पुलिस ने आरोप का किया खंडन, कहा – असामाजिक तत्व फैला रहे झूठ

बिहार पुलिस ने जानकारी दी कि असमाजिक तत्वों ने बेगूसराय पुलिस के संबंध में भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की चेष्टा की।

बिहार के बेगूसराय में पुलिस के जवानों द्वारा लकड़ी की एक दुकान से जलावन चुराए जाने का झूठा दावा किया गया था। इस संबंध में एक सीसीटीवी कैमरे में कैद वीडियो भी वायरल हुआ। वायरल वीडियो में पुलिस के जवान जलावन उठाकर गाड़ी में रखते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ भी सामने आईं। वीडियो वायरल होने के बाद बिहार पुलिस ने वीडियो को भ्रामक करार दिया।

बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी का सितम इतना अधिक है कि पुलिस वालों को पेट्रोलिंग के बाद अलाव जलाने के लिए लकड़ी की आवश्यकता पड़ रही है। बिहार के बेगूसराय से वायरल वीडियो में पुलिस वाले लकड़े ले जाते हुए देखे जा रहे हैं। बखरी थाना क्षेत्र का यह मामला पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।

वायरल हो रहे इस वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में पुलिस की गाड़ी एक लकड़ी की दुकान के पास ठहरती है। फिर उसमें से एक पुलिस का जवान बाहर निकलता है। जवान जलावन की लकड़ियों की कई खेप उठाकर गाड़ी में डाल देता है। इसके बाद गाड़ी आगे बढ़ जाती है। वीडियो को यह कहकर वायरल किया गया कि बेगूसराय पुलिस लकड़ी चुरा रही है।

बिहार पुलिस ने किया खंडन

फोटो साभार: बिहार पुलिस ट्विटर

वीडियो वायरल होने के कुछ देर बाद बिहार पुलिस की तरफ से इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया गया। बिहार पुलिस ने जानकारी दी कि असामाजिक तत्वों ने बेगूसराय पुलिस के संबंध में भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की चेष्टा की। पुलिस की तरफ से कहा गया कि वीडियो वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि पुलिस किसी व्यक्ति के घर से बिना अनुमति जलावन उठा कर ले गई है।

इस संबंध में पुलिस ने अनुमंडल पदाधिकारी से जाँच कराई। स्थानीय पुलिस ने मुक्ति नाथ शर्मा नाम के निवासी से 280 रुपए का भुगतान कर 5 किलो लकड़ी खरीदी थी। जिसका बिल भी पुलिस के पास है। बिहार पुलिस ने बिना पुष्टि के इस तरह के भ्रामक वीडियो शेयर न करने की अपील की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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