Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाUAPA: मसूद अज़हर, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहिम और लखवी आतंकवादी घोषित

UAPA: मसूद अज़हर, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहिम और लखवी आतंकवादी घोषित

आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए बनाए गए इस कानून के तहत व्यक्ति को भी आतंकी घोषित किया जा सकता है। सरकार ने संसद में दावा किया था कि यह कानून सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों से चार कदम आगे रखेगा।

आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अज़हर, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज़ सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी को सरकार ने आतंकवादी घोषित किया है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी इस लिस्ट में शामिल है। मोदी सरकार के नए UAPA के तहत ये कार्रवाई की गई है।

आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए बनाए गए इस कानून के तहत व्यक्ति को भी आतंकी घोषित किया जा सकता है। सरकार ने संसद में दावा किया था कि यह कानून सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों से चार कदम आगे रखेगा।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक लिस्ट में पहले नंबर पर पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर है। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद को नंबर दो पर रखा गया है। तीसरे नंबर पर दाऊद इब्राहिम है। 

Image

अमित शाह के देश के गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, आतंकवाद विरोधी UAPA संशोधन विधेयक 2019 को हाल ही में भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया था। विपक्षी दलों द्वारा काफ़ी प्रतिरोध के बीच, आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए भारत सरकार को अधिक शक्ति देने के लिए इस विधेयक पारित किया गया था। अज़हर और हाफ़िज़ सईद दोनों ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित वैश्विक आतंकवादी हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ पहले होते थे दंगे-हत्या, उस UP में कानून-व्यवस्था की बेहतर हुई तस्वीर: NCRB 2024 के आँकड़ों में दिखा बंगाल-तमिलनाडु-केरल-पंजाब से बेहतर माहौल

उत्तर प्रदेश की खासियत यह है कि इतनी अधिक जनसंख्या, अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और बड़े प्रशासनिक ढाँचे के बावजूद वहाँ अपराध दर नियंत्रण में रही।

100 हत्याएँ, 28 रेप, 95 मंदिरों में तोड़फोड़ और ईशनिंदा… बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर नहीं थम रहा जुल्म: 2026 के शुरुआती 4 महीनों...

HRCBM की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2026 के शुरुआती 4 महीनों के भीतर अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रताड़ना और हिंसा की 505 दर्दनाक घटनाएँ दर्ज हुई।
- विज्ञापन -