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जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की तैयारी: PM मोदी ने महातिर मोहम्मद से मिलकर रूस में उठाया मुद्दा

सांप्रदायिक भड़काऊ बयान देकर इस्लामिक उपदेशक के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले जाकिर नाईक मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मोस्ट वांटेड अपराधी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रूस दौरे के दूसरे दिन व्लादिवोस्तोक में मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से भगौड़े जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में बात की। जिसके बाद दोनों पक्षों ने फैसला किया कि उनके अधिकारी अब इस मामले के संबंध में संपर्क में रहेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों ने ये बात भी स्वीकारी कि ये मुद्दा दोनों देशों के लिए बेहद महत्तवपूर्ण हैं।

विदेश सचिव विजय गोखले ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा, “पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के सामने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया और दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई है कि ये मुद्दा दोनों देश के लिए काफी अहम है। ऐसे में दोनों देश के अधिकारी इस मसले पर एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे।”

गौरतलब है कि सांप्रदायिक भड़काऊ बयान देकर इस्लामिक उपदेशक के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले जाकिर नाईक मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मोस्ट वांटेड अपराधी है। जिसके कारण भारत सरकार ने उसे और उसके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को 5 साल के प्रतिबंध के साथ इसे गैरकानूनी संगठन घोषित किया है। 2016 में जाकिर नाईक गिरफ्तारी के डर से भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था और तब से वो वहीं रह रहा है।

हालाँकि, पिछले साल मलेशिया सरकार जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के नाम पर अपनी ओर से एक्शन लेने के लिए इंकार कर चुकी थी लेकिन बीते दिनों जब जाकिर नाइक ने वहाँ के हिंदुओं को लेकर विवादित बयान दिया तो वहाँ के एक मंत्री और पाँच सासंदों ने अपील की कि जाकिर को देश से बाहर निकाल दिया जाए। अब ऐसे में हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री के बीच उठा ये मुद्दा कोई बड़ा निष्कर्ष निकाले और जाकिर का जल्द से जल्द भारत को प्रत्यर्पण हो, ताकि उस पर लगे आरोपों के तहत मुमकिन कार्रवाही हो सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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