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द केरल स्टोरी ने ‘आर्ष विद्या समाजम’ को दिए ₹51 लाख, लव जिहाद पीड़िताओं का सहारा बनकर उभरी है संस्था: सारे संसार में सनातन की ज्योति फैलाना है लक्ष्य

" 'द केरल स्टोरी' की टीम ने जिस संस्था को उनका काम देख 51 लाख रुपए दान दिए, उसका उद्देश्य धर्म का प्रचार-प्रसार है। पिछले दिनों एक लव जिहाद पीड़िता श्रुति ने इसका जिक्र करते हुए बताया था कि कैसे इस संस्था ने उन्हें बचाया और साथ में उनके घरवालों को यकीन दिलाया कि उन्होंने घरवापसी कर ली है।

‘द केरल स्टोरी’ की अपार सफलता के बाद खबर आई है कि इस फिल्म की टीम ने एक संस्था को 51 लाख रुपए दान में दिए हैं। संस्था का नाम आर्ष विद्या समाजम है। ये संस्था लव जिहाद पीड़िताओं को वापस से हिंदू धर्म में लाने और उनके पुनर्वास के लिए काम करती है।

इस संबंध में फिल्म की अभिनेत्री ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “हमारी तरफ से छोटा सा योगदान, द केरल स्टोरी ने आर्ष विद्या समाजम को 51 लाख रुपए डोनेट किए। इसकी पहल विंजना भारतीय एड्यूकेशनल एंड चैरिटेबल सोसायटी फॉर कंस्ट्रक्शन ऑफ आश्रम द्वारा की गई है।”

अदा शर्मा ने बताया कि ये संस्था हमारी बेटियों के पुनर्वास के लिए लगातार और निस्वार्थ रूप से काम कर रही है, जिन्हें कट्टरता के जरिए प्यार के नाम पर परिवर्तित किया गया था।

बता दें कि ” ‘द केरल स्टोरी’ की टीम ने जिस संस्था को उनका काम देख 51 लाख रुपए दान दिए, उसका उद्देश्य धर्म का प्रचार-प्रसार है। पिछले दिनों एक लव जिहाद पीड़िता श्रुति ने इसका जिक्र करते हुए बताया था कि कैसे इस संस्था ने उन्हें बचाया और साथ में उनके घरवालों को यकीन दिलाया कि उन्होंने घरवापसी कर ली है।

श्रुति ने बताया कि जब उन्होंने इस्लाम अपनाया, तब उनके परिवार वालों के लिए ये हैरानी भरा फैसला था और वो इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थी, उनकी स्थिति दयनीय हो गई थी। हालाँकि, जब उन्होंने घर-वापसी की, तो उनके पिता को फिर भी भरोसा नहीं हो रहा था कि उन्होंने इस्लाम को मानना छोड़ा है या नहीं। मगर तब संस्था के योगाचार्य मनोज ने उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को ये भरोसा दिलाया कि श्रुति हिन्दू धर्म में वापस आ चुकी हैं।

गुरु ने परिवार को बताया कि श्रुति को उसके किए का पछतावा है और वो अपनी तरह की अन्य पीड़ित लड़कियों की भी मदद कर रही है, उन्हें अँधेरे से निकालने में, उन्हें हिंदू धर्म में वापस लाने में। योगाचार्य मनोज ने परिवार को आश्वस्त किया कि वो अब चिंता न करें, वो सिर उठा कर चलें क्योंकि उनकी बेटी अच्छा कार्य कर रही है।

बता दें कि आर्ष संस्था गुरु परंपरा पर विश्वास रखती है। ‘आर्ष विद्या समाजम’ का मानना है कि दुनिया में आजकल जितनी भी बुराइयाँ फ़ैल रही हैं, उसका मुख्य कारण है युवाओं में धर्म के प्रति जागरूकता का अभाव। संस्था का लक्ष्य है कि दुनिया में एक व्यक्ति भी ऐसा न हो, जिसने ‘सनातन धर्म’ का नाम न सुना हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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