Homeदेश-समाजमणिपुर में 33 आतंकियों का सफाया, माहौल संभालने के लिए खुद ग्राउंड पर उतरे...

मणिपुर में 33 आतंकियों का सफाया, माहौल संभालने के लिए खुद ग्राउंड पर उतरे सेना प्रमुख: अब उत्तर-पूर्वी राज्य में अमित शाह का दौरा

पहाड़ी और जंगली इलाकों में छानबीन के लिए भारतीय सेना तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है।

मणिपुर में चल रहे दंगों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आने लगी है। ताज़ा खबर ये है कि मणिपुर में दंगा कर रहे 33 आतंकियों को सुरक्षा एजेंसियों ने मार गिराया है। राज्य में हिंसा का माहौल शांत करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज पांडे के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री N बीरेन सिंह ने राजधानी इम्फाल में मीडिया को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जिन आतंकियों को मार गिराया गया है, वो प्रतिबंधित संगठनों (Suspension Of Operations) से ताल्लुक रखते थे। साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि आम नागरिकों पर हमला करने वालों की धर-पकड़ के लिए राज्य भर में बृहद तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर भी गोलीबारी की है, जिसका जवाब दिया गया। मणिपुर के सीएम ने कहा, “राज्य की जनता से मेरी जनता से विनम्र अपील है कि वो माहौल सामान्य करें के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में भरोसा रखे।”

उन्होंने आश्वासन दिया कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा हर हाल में की जाएगी। बता दें कि कांग्चुक, मोतबुंग, सैकुल, पुखाओ और सगोलमंग इलाकों में ‘असम राइफल्स’ और भारतीय सेना के जवानों द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार (27 मई, 2023) को तड़के सुबह हिंसा में लिप्त आतंकियों की तलाश में अभियान चलाया गया। पहाड़ी और जंगली इलाकों में छानबीन के लिए भारतीय सेना तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है।

इसी क्रम में रविवार को लगभग एक घंटे तक N बीरेन सिंह और जनरल मनोज पांडे के बीच बैठक हुई। इससे एक दिन पहले जनरल पांडे ने भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता के साथ राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी दी थी। सेना प्रमुख खुद ग्राउंड पर उतर कर निगरानी कर रहे हैं। 29 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर पहुँचने वाले हैं। उन्होंने हिंसासे पीड़ित लोगों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि एक भी दंगाई को नहीं बख्शा जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ पहले होते थे दंगे-हत्या, उस UP में कानून-व्यवस्था की बेहतर हुई तस्वीर: NCRB 2024 के आँकड़ों में दिखा बंगाल-तमिलनाडु-केरल-पंजाब से बेहतर माहौल

उत्तर प्रदेश की खासियत यह है कि इतनी अधिक जनसंख्या, अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और बड़े प्रशासनिक ढाँचे के बावजूद वहाँ अपराध दर नियंत्रण में रही।

100 हत्याएँ, 28 रेप, 95 मंदिरों में तोड़फोड़ और ईशनिंदा… बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर नहीं थम रहा जुल्म: 2026 के शुरुआती 4 महीनों...

HRCBM की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2026 के शुरुआती 4 महीनों के भीतर अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रताड़ना और हिंसा की 505 दर्दनाक घटनाएँ दर्ज हुई।
- विज्ञापन -