लेफ्ट-लिबरल और कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम ने UPI से लेन-देन पर झूठ फैलाने की साजिश रची और मीडिया के एक वर्ग ने भी आग में घी डालने का काम किया। जानें- क्या है पूरा सच
कानून के शासन से चलने वाले एक कामकाज करने वाले लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि जो लोग कानून तोड़ते हैं, चाहे वे प्रदर्शनकारी हों या आम नागरिक, उन्हें अपने कामों का नतीजा भुगतना पड़े।