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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

‘लाल आतंक’ पर छत्तीसगढ़ के प्रहार से छलनी हुई कॉन्ग्रेस, जवानों का रक्त भूल नक्सलियों के एनकाउंटर को बता रही ‘फेक’: सर्जिकल स्ट्राइक पर...

जवानों को जंगलों में ख़ाक छाननी होती है, अपनी जान खतरे में डालनी होती है, परिवार से दूर रहना पड़ता है - तब जाकर नक्सल वारदातें कम होती हैं और आम लोग चैन से सोते हैं। भूपेश बघेल जैसे नेता ये नहीं समझते।

चुनावी रिपोर्टिंग के नाम पर कॉन्ग्रेसी CM के साथ चिकेन करी पार्टी, नवरात्रि में मछली दिखा-दिखा कर खाना… राजदीप सरदेसाई पत्रकार हैं या खानसामा

मुट्ठी से रागी मुड्डे को दबा-दबा कर गोल बना कर उसे चिकेन करी में डुबो कर निगल लेना ही अगर पत्रकारिता है तो राजदीप सरदेसाई को ये मुबारक हो!

अक्साई चीन पर जो थे नेहरू के विचार, कच्चातिवु पर दिग्गी राजा ने वही दोहराया: देश की अखंडता को ठेंगा दिखाती कॉन्ग्रेस, मछुआरों के...

नेहरू ने अक्साई चीन के बारे में जो कहा था, कच्चातिवु को लेकर दिग्गी राजा ने वही दोहराया है। उनके लिए भारतीय मछुआरों की समस्याएँ 'बेकार की बातें' हैं। तमिलनाडु की राजनीति पर पड़ेगा प्रभाव? उधर भाजपा सरकार सीमाओं पर इंफ़्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में लगी है।

एकता का गला रेता, समोसे में बीफ, कंडोम, पत्थर और गुटखा डाल कर खिलाया, आरफा खानम शेरवानी को दिक्कत – हमारे कौम वालों का...

एकता नाम की जिस हिन्दू महिला का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया, उसके लिए आरफा के मन में कोई सहानुभूति नहीं है। दिक्कत खबर छापने वाले से है। समोसे में गोमांस, या पत्थर, कंडोम और गुटखा डाल कर खिलाने वालों के भी वो समर्थन में हैं।

हिंदू नववर्ष… सूर्य, चंद्र, पृथ्वी की गति पर आधारित गणना: वो विज्ञान, जिसके दम पर फली-फूली कृषि-सभ्यता

भारतीय संस्कृति में नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाते हैं और इस बार 9 अप्रैल, 2024 से नए हिन्दू नवसंवत्सर 2081 की शुरुआत भी हो रही है।

‘निष्पक्ष’ नाचते राजदीप सरदेसाई: मिला सिर्फ 2 मिनट का इंटरव्यू… लेकिन विपक्ष की ढोल बजा पत्रकारिता की पुच्छी में लगाई आग

नरेंद्र मोदी विभिन्न माध्यमों से जनता से संचार करते हैं, फिर भी वो 'तानाशाह' हैं। MK स्टालिन 3 साल में 2 मिनट का इंटरव्यू देकर भी 'जननेता' हैं। अन्नामलाई को लेकर राजदीप सरदेसाई ने इस इंटरव्यू में एक शब्द भी नहीं पूछा।

चाटुकार अपूर्वानंद, कितना भी लगा लो पोछा नहीं धुलेंगे पप्पू के दाग पर हिंदी का प्रोफेसर होने के नाते ‘राम की शक्ति पूजा’ का...

भगवान राम जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है, एक आम आदमी की तरह वो कह रहे हैं कि ये सिर्फ नर-वानर बनाम राक्षस का युद्ध नहीं है बल्कि रावण ने महाशक्ति का भी आह्वान कर दिया है।

शारदा पीठ से लेकर कन्याकुमारी तक जिनकी पूजा, उनसे लड़ने चले राहुल गाँधी: सिंधु घाटी में भी शक्ति पूजा, जनजातीय समाज भी करता है...

शक्ति पूजा की प्राचीनता का अंदाज़ा आप इसी से लगा सकते हैं कि सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेषों में भी इसके प्रमाण मिले हैं। वो सृजन का स्रोत हैं, ईश्वर की ऊर्जा हैं।