Arvind Sharma

बुज़दिली को माचोमैन बनाने वाले रवीश वामपंथी वैचारिक दरिद्रता के आख़िरी ब्रांड एम्बेसडर हैं

रवीश कुमार को राहुल गाँधी के साथ, जेठ की दुपहरिया में खुले आसमान के नीचे इंटरव्यू करते हुए देखा तो ख्याल आ गया कि यह बंदा इश्क में फलाना-ढिमकाना हो जाना लिखता है, लेकिन असल जिन्दगी में बेइन्तिहाँ नफरत और कुंठा ढोता है।

नेहरू और भारत एक भैंस: श्वेत-धवल बगुलों के सरगना का सिलसिला बदस्तूर जारी

देश में गरीब हैं, गरीबी है। कैसे निपटा जाए इनसे… नेहरू ने कहा, लोड मत लो - 'गरीबी हटाओ' का नारा लगाओ और मस्त रहो। और आज जबकि 1969 में शुरू की गई इस योजना के 50 साल पूरे हो रहे हैं तब आपको मानना ही पड़ेगा कि नेहरू; राजकपूर से भी बड़े शो मैन और छलिया थे।

प्रियंका गाँधी वाड्रा, जो लगभग भगवान हैं…

प्रियंका जी को बताया गया है कि आप इंसान नहीं बल्कि लगभग अवतार हैं, कि लोग आपको सुनने नहीं बल्कि वे आपके कपड़े, नाक देखने आते हैं, वे यह भी देखने आते हैं कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में आपकी त्वचा में प्रचूर मॉइस्चराइजेशन आखिर कैसे बना रहता है।

कॉन्ग्रेस के लिए देश है प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी: ‘मालिक’ चाहेगा तो ‘मैनेजर’ हट जाएगा, संतान आ जाएगी

कॉन्ग्रेस के जो लोग अपने आपको नेता, कार्यकर्ता कहते हैं, उन पर बड़ा तरस आता है। क्योंकि जहाँ कार्यकर्ता हो सकते हैं वह एकमात्र भाजपा है। कॉन्ग्रेस में कार्यकर्ता नहीं, ‘बाउंसर’ होते हैं। वे बाउंसर हैं सोनिया गांधी के, वे बाउंसर हैं राहुल के, और वे बाउंसर हैं मिसेज प्रियंका वाड्रा के।

संघ का लोकतंत्र बनाम कॉन्ग्रेस पार्टी प्राइवेट लिमिटेड- संस्कार कहाँ से लाओगे?

भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता नेता बन सकता है, नेता से क्षत्रप, क्षत्रप से राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री तक बन सकता है, लेकिन वह चाहकर भी पार्टी को हायजैक नहीं कर सकता है, चाहे वह कितना भी कद्दावर बना रहे।

‘द वायर’ वालो, इतिहास पढ़ो, संदर्भ देखो और तब ज्ञान छाँटो कि जर्मन राजदूत के संघ जाने का क्या अर्थ है

हिटलर को 'मेरे मित्र हिटलर' तो गाँधी ने भी कहा था। उन्होंने तो हिटलर को 'वीर', 'अपनी पितृभूमि से प्रेम करने वाला' भी कहा था, और कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि हिटलर वह दैत्य है जो उसके दुश्मन उसे बताते हैं।

शशि थरूर जी ब्रो, आपके व्हाट्सएप में पहुँची हर शायरी ग़ालिब की नहीं होती!

सड़कछाप पंक्तियों को ग़ालिब का बताते हुए श्री थरूर जी ब्रो ने यह जानकारी भी दी कि मिर्ज़ा ग़ालिब उनके 'ऑल टाइम फेवरेट' हैं। कल वो ग़ालिब के नाम से ये न ट्वीट कर दें कि 'गुल गया, गुलबदन गया, गई होंठों की लाली,/ अब तो पीछा छोड़ दे मैं हो गई बच्चों वाली', इस कारण लोगों में डर का माहौल है।

भू माफिया आजम खान ने निजी यूनिवर्सिटी में करवाया था सरकारी खर्चे से ‘जश्न’, सैफई से भी ज्यादा था खर्चा

उस समारोह का पूरा इंतजाम जिला प्रशासन ने किया था। राज्य सरकार की तरफ से इसके लिए 58 लाख रुपए आवंटित किए गए थे, जो कि सैफई महोत्सव से 10 लाख ज्यादा थे।

झारखंड के 5000 बच्चों की तस्करी करने वाला दरिंदा पन्ना लाल महतो खूंटी से गिरफ़्तार

इससे पहले भी महतो को गिरफ़्तार किया जा चुका है। महतो और उसकी पत्नी सुनीता कुमारी को अक्टूबर 2014 में नई दिल्ली के शकूरपुर इलाक़े से मानव तस्करी के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था, जब वे किसी अज्ञात स्थान पर भागने के लिए अपना सामान इकट्ठा करने के लिए वहाँ गए थे।

जल्द हल होगा कश्मीर मसला, धरती की कोई ताकत इसे नहीं रोक सकती: रक्षा मंत्री

राजनाथ ने चेतावनी दी कि बातचीत उनकी सरकार के पास इकलौता विकल्प नहीं है। "अगर बातचीत से नहीं, तो कैसे, हमें मालूम है। इसका समाधान हो कर रहेगा।"