Wednesday, September 30, 2020
16 कुल लेख

Arvind Sharma

जेपी जन्मदिन पर: उनकी अव्यवहारिक क्रांति के चेले आज भी प्रयोग के मूड में रहते हैं

जेपी ने अव्यवहारिक राजनीति की, वे ऐसी मसीहाई भूमिका में आ गए थे, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई और अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ाई को एक ही तराजू में तौल रहे थे। उन्हें उम्र के उस अंतिम पड़ाव में जरा भी भान नहीं हुआ कि जो लोग उनकी पालकी उठा रहे हैं, उनकी मंशा क्या है?

बुज़दिली को माचोमैन बनाने वाले रवीश वामपंथी वैचारिक दरिद्रता के आख़िरी ब्रांड एम्बेसडर हैं

रवीश कुमार को राहुल गाँधी के साथ, जेठ की दुपहरिया में खुले आसमान के नीचे इंटरव्यू करते हुए देखा तो ख्याल आ गया कि यह बंदा इश्क में फलाना-ढिमकाना हो जाना लिखता है, लेकिन असल जिन्दगी में बेइन्तिहाँ नफरत और कुंठा ढोता है।

नेहरू और भारत एक भैंस: श्वेत-धवल बगुलों के सरगना का सिलसिला बदस्तूर जारी

देश में गरीब हैं, गरीबी है। कैसे निपटा जाए इनसे… नेहरू ने कहा, लोड मत लो - 'गरीबी हटाओ' का नारा लगाओ और मस्त रहो। और आज जबकि 1969 में शुरू की गई इस योजना के 50 साल पूरे हो रहे हैं तब आपको मानना ही पड़ेगा कि नेहरू; राजकपूर से भी बड़े शो मैन और छलिया थे।

प्रियंका गाँधी वाड्रा, जो लगभग भगवान हैं…

प्रियंका जी को बताया गया है कि आप इंसान नहीं बल्कि लगभग अवतार हैं, कि लोग आपको सुनने नहीं बल्कि वे आपके कपड़े, नाक देखने आते हैं, वे यह भी देखने आते हैं कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में आपकी त्वचा में प्रचूर मॉइस्चराइजेशन आखिर कैसे बना रहता है।

कॉन्ग्रेस के लिए देश है प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी: ‘मालिक’ चाहेगा तो ‘मैनेजर’ हट जाएगा, संतान आ जाएगी

कॉन्ग्रेस के जो लोग अपने आपको नेता, कार्यकर्ता कहते हैं, उन पर बड़ा तरस आता है। क्योंकि जहाँ कार्यकर्ता हो सकते हैं वह एकमात्र भाजपा है। कॉन्ग्रेस में कार्यकर्ता नहीं, ‘बाउंसर’ होते हैं। वे बाउंसर हैं सोनिया गांधी के, वे बाउंसर हैं राहुल के, और वे बाउंसर हैं मिसेज प्रियंका वाड्रा के।

संघ का लोकतंत्र बनाम कॉन्ग्रेस पार्टी प्राइवेट लिमिटेड- संस्कार कहाँ से लाओगे?

भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता नेता बन सकता है, नेता से क्षत्रप, क्षत्रप से राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री तक बन सकता है, लेकिन वह चाहकर भी पार्टी को हायजैक नहीं कर सकता है, चाहे वह कितना भी कद्दावर बना रहे।

कॉन्ग्रेस पार्टी को पाकिस्तान से राष्ट्रवाद के मायने सीखने चाहिए

क्या तुमको सोनिया गाँधी से लगाव है, क्या तुमको राहुल गाँधी से प्रेम है, या फिर प्रियंका वाड्रा से मोहब्बत है? अगर ऐसा है भी तो उसका एक सपाट कारण बता दो कि इन लोगों का देश, समाज और अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है जो तुम इन पर अपनी जान न्यौछावर करते हो?

भाजपा कार्यकर्ता बनाम गुण्डे, गुर्गे, गुलाम और वंशदास

आप सोच कर भी नहीं सोच पाएँगे कि अमित शाह के बाद भाजपा का अध्यक्ष कौन बनेगा, मोदी के बाद भाजपा का पीएम कौन होगा या फिर यही देख लीजिये कि अटल जी और आडवानी जी की विरासत को कौन आगे बढ़ा रहा है?

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,078FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe