Thursday, November 26, 2020
Home बड़ी ख़बर नेहरू और भारत एक भैंस: श्वेत-धवल बगुलों के सरगना का सिलसिला बदस्तूर जारी

नेहरू और भारत एक भैंस: श्वेत-धवल बगुलों के सरगना का सिलसिला बदस्तूर जारी

नेहरू के लिए भारत एक ऐसी भैंस थी, जिसका उपयोग उन्होंने पहले ख़ुद के लिए और बाद में अपने खानदान के लॉन्च होने के लिए किया और यह सिलसिला आज तक बदस्तूर जारी है।

चीन ने 1957 से ही भारत की सीमा में अतिक्रमण करना शुरू कर दिया था। नेहरू को पीएमी क्योंकि खैरात में मिल गई थी इसलिए वे उसे भरपूर एन्जॉय कर रहे थे।

उस दौर में एक फ़िल्म आई थी ‘आवारा’ जिसमें एक ड्रीम सॉन्ग था, जिसे भारतीय फिल्मों का पहला ड्रीम सॉन्ग भी कहा जाता है – “घर आया मेरा परदेसी”, राजकपूर और नरगिस पर फिल्माया गया था।

दीन-दुनिया से दूर स्वप्न लोक का यह गीत, लोगों को बहुत पसंद आया था, और उन लोगों में जवाहर लाल नम्बर वन थे, इसलिए वे भी पड़े-पड़े ऐसे ही ख्वाब देखते थे। कभी कभी तो ख़्वाबों के भीतर भी ख़्वाब की एक ऐसी दुनिया गढ़ते थे, जिसमें न अमेरिका का दखल हो न रूस का, बस मैं (मतलब नेहरू), नासिर (इजिप्ट वाले) और यूगोस्लाविया वाले टीटो हों और इस दुनिया का नाम ‘गुटनिरपेक्ष’ हो।

जब नहर वाले पंडित जी यह एडवेंचर कर रहे थे, तब पाकिस्तान; अमेरिका के पाले में घुसकर खुद को सामरिक और आर्थिक तौर पर मजबूत कर रहा था। इसकी परिणति 1964 में नेहरू के गुजरने के साल भर बाद हुए भारत-पाक युद्ध के रूप में हुई। जब हम पाक के सामने बैकफुट पर थे, किन्तु वह युद्ध हम शास्त्री की सेना को खुली छूट और भारतीय सेना की जीवटता से ही जीत सके थे।

बहरहाल, जब चीन सीमा से उस दौर में अतिक्रमण, घुसपैठ की खबरें आतीं तो उसकी रिपोर्ट नेहरू के सामने पेश की जाती। नेहरू उसको देखते और उस पर ‘फ़ाइल’ लिखकर वापस भेज देते, जिसका मतलब था कि इसे चीन वाली फ़ाइल में लगा दो। बाद में यह ऐसा रूटीन बन गया कि अधिकारी बिना नेहरू को दिखाए इस तरह की खबरें चीन वाली फ़ाइल में लगा देते थे। उस वक्त राजनीतिक गलियारों में यह मजाक भी चल पड़ा था कि जिस समस्या का समाधान नहीं करना हो उसे नेहरू के दफ्तर में मौजूद चीन फ़ाइल में नत्थी कर दो।

दरअसल नेहरूवाद की चर्चा करने वाले लोग नेहरू की अंग्रेजियत, नफासत, स्वैग, ठाठ, अमीरी और उनके ख़ानदानी रूवाब पर न्यौछावर हो जाते हैं। वे नेहरूवाद का जिक्र करते समय नेहरू की गवर्नेंस की बात नहीं करते हैं।

नेहरू की गवर्नेंस क्या थी, हम संक्षिप्त में समझ लेते हैं। कश्मीर में घुसपैठ हो गई, हमारी सेना निर्णायक मोड़ पर दुश्मन को खदेड़ रही है, हम जीतने वाले हैं; तभी इस सीन में नेहरू का प्रवेश डायलॉग के साथ होता है; “हम इस समस्या को खुद नहीं हल करेंगे, लोग क्या सोचेंगे हमारे बारे में, हम गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सिरमौर देश हैं, इसलिए हम इस समस्या को UNO ले जाएँगे, और अपनी जीती हुई बाजी को हारने के लिए खेलेंगे।” वह साल और आज का दिन हम दुनिया और पाकिस्तान के सामने UN के उसी रेज़ोल्यूशन के आगे कच्चे पड़ जाते हैं, जहाँ हमें बतौर कश्मीर में जनमत संग्रह के लिए कहा गया है।

नेहरू का गवर्नेंस मॉडल भारत के शासकों के लिए ऐसी नजीर बना कि नेहरू से लेकर वाजपेयी तक कोई भी इसके इंद्रजाल से अछूता नहीं रह सका। और जब वाजपेयी ने कश्मीर समस्या के सन्दर्भ में इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत का वाहियात राग अलापा था, तब वस्तुत: वे अपने राजनीतिक गुरु नेहरू को एक सच्ची श्रद्धांजलि ही दे रहे थे।

इसी प्रकार शासन का नेहरू मॉडल कश्मीर में भारत से अलग होने की माँग करने वाले लोगों से निपटने का क्या समाधान बताता है, देखिए जरा! नेहरू पुराण के अनुसार समस्या के समाधान से भी जरूरी है, उस समस्या को खाद-पानी देना, इसलिए सबसे पहले उस समस्या को एक संस्था बनाओ, और उसी तर्ज पर कश्मीर में भारत को गाली देने वाले और पाकिस्तान से जा मिलने के लिए बेकरार लोगों को ‘अलगाववादी’ नाम दे दिया गया। और मजेदार बात यह है कि भारत की सरकारें इन्हें किसी सेपरेट देश के प्रतिनिधियों की तरह ट्रीट भी करती हैं। क्यों! क्योंकि नहर वाले पंडित जी का मान जो रखना है।

इसी प्रकार भारत के नक्सलबाड़ी जिले में कुछ लोग सिस्टम और राज्य के खिलाफ़ विद्रोह कर देते हैं! अब इनका क्या किया जाए! करना क्या है, सारा काम नेहरू ही थोड़े करेगा और 2014 में मोदी भी तो पीएम बनेगा इसलिए नेहरू जी क्या करेंगे! वे इस समस्या का नामकरण ‘नक्सलवादी समस्या’ करके दुनिया से निकल लेंगे, बाद में… बाद में जो पीएम बनेगा अपने आप भुगतता रहेगा।

पंजाब में कुछ लोग देश के खिलाफ उग्र हो रहे हैं, नेहरू जी का नाम लो और इनको ‘उग्रवादी’ नाम दे दो।

देश में गरीब हैं, गरीबी है। कैसे निपटा जाए इनसे… इसका भी लोड मत लो ‘गरीबी हटाओ’ का नारा लगाओ और मस्त रहो। और आज जबकि 1969 में शुरू की गई इस योजना के 50 साल पूरे हो रहे हैं तब आपको मानना ही पड़ेगा कि नेहरू; राजकपूर से भी बड़े शो मैन और छलिया थे।

कभी-कभी लिखते-लिखते या तो मैं थक जाता हूँ, या फिर भटक जाता हूँ, इसलिए नेहरू गाथा को यहीं विराम देना चाहूँगा, आज कर्नाटक के चित्रदुर्ग में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का जिक्र करके।

पीएम मोदी अमूमन जब दक्षिण में होते हैं, तो उनकी सभाओं में एक अनुवादक होता है, जो तमिल, तेलुगू, कन्नड़ या मलयालम में सम्बन्धित राज्य के अनुसार भाषण का अनुवाद जनता तक पहुँचाता है।

पर आज मोदी जब चित्रदुर्ग में भाषण दे रहे थे, तब उनके हिन्दी में दिए जा रहे भाषण का कोई अनुवादक नहीं था। वे जो भी बोल रहे थे, उस पर लोगों का रिएक्शन वैसे ही था, जैसे हिन्दी भाषी राज्यों में होता है, और जब उन्होंने बालाकोट का जिक्र किया तो जनता के बीच से उठने वाला शोर यह बता रहा था कि हिन्दी एक ऐसी भाषा है, जिसमें इस देश को जोड़ने की क्षमता है लेकिन नेहरू ने यह भी नहीं होने दिया।

संविधान लागू होने के दस साल बाद जब हिन्दी को देश की सम्पर्क भाषा बनाने का समय आया तो देश के गैर हिन्दी क्षेत्रों में इसका विरोध हुआ, नेहरू इस विरोध को हैंडल नहीं कर पाए, उन्होंने हिन्दी को इस दौरान खासकर दक्षिण भारत में विलेन बनने दिया और हिन्दी देश की भाषा बनने से हमेशा-हमेशा के लिए चूक गई।

और इसलिए मैं जब भी कॉन्ग्रेसियों की तुलना भैंस के ऊपर बैठे बगुले के रूप में करता हूँ तो नीचे से लेकर ऊपर तक श्वेत-धवल नेहरू को इन सभी बगुलों के सरगना के तौर पर देखता हूँ। जिसके लिए भारत एक ऐसी भैंस थी, जिसका उपयोग उन्होंने पहले ख़ुद के लिए और बाद में अपने खानदान के लॉन्च होने के लिए किया और यह सिलसिला आज तक बदस्तूर जारी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फरीदी, जफर द्वारा संचालित 2 मेडिकल कॉलेज पर अंग तस्करी के आरोप, CM योगी ने दिए जाँच के आदेश

इंटिग्रल मेडिकल इंस्टिट्यूट के डीन हैं - जफर इदरिस और एरा मेडिकल कॉलेज के डीन हैं - डॉ फरीदी। इन दोनों मेडिकल कॉलेज पर...

क्या है अर्णब-अन्वय नाइक मामला? जानिए सब-कुछ: अजीत भारती का वीडियो | Arnab Goswami Anvay Naik case explained in detail

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर मुंबई पुलिस का चेहरा 4 नवंबर को पूरे देश ने देखा। 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे, घसीटकर उन्हें अलीबाग थाने ले गए।

Cyclone Nivar के अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धरने की आशंका: ट्रेनें, फ्लाइट रद्द, NDRF की टीम तैनात

“तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

आखिर CM रावत ने India Today से ये क्यों कहा- भ्रामक खबर फैलाने से बचें?

India Today ने अपने समाचार चैनल पर दावा किया कि उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में रविवार, 29 नवम्बर से लॉकडाउन घोषित किया है।

#justiceforkirannegi: CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उठाया गैंगरेप पीड़िता के परिवार को इंसाफ दिलाने का बीड़ा, कहा- अब चुप नहीं बैठेंगे

आज सोशल मीडिया के कारण किरण नेगी का यह मामला मुख्यधारा में आया है। उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इस पर स्वयं संज्ञान ले लिया है।

‘पहले सिर्फ ऐलान होते थे, 2014 के बाद हमने सोच बदली’: जानिए लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्‍थापना दिवस पर क्या बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ के साथ ही अन्य मंत्री भी आनलाइन जुड़े रहे।

प्रचलित ख़बरें

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

ओवैसी को सूअर वाली स्वादिष्ट बिरयानी खिलाने का ऑफर, AIMIM नेता के बीफ बिरयानी पर BJP का पलटवार

"मैं आपको आज बिरयानी का निमंत्रण दे रहा हूँ। वाल्मिकी समुदाय के लोग पोर्क के साथ बिरयानी अच्छी बनाते हैं। आइए हम आपको स्वादिष्ट बिरयानी..."

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।
- विज्ञापन -

मोबाइल चोरी का विरोध करने पर चाकुओं से हमला, पुलिस ने अरेस्ट किया तो कई बार चिल्लाया – ‘अल्लाह-हू-अकबर’

वह कई बार अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाया। अंत में पुलिस उसे गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई। पुलिस ने हत्या का प्रयास, आतंकवाद को बढ़ावा...

फरीदी, जफर द्वारा संचालित 2 मेडिकल कॉलेज पर अंग तस्करी के आरोप, CM योगी ने दिए जाँच के आदेश

इंटिग्रल मेडिकल इंस्टिट्यूट के डीन हैं - जफर इदरिस और एरा मेडिकल कॉलेज के डीन हैं - डॉ फरीदी। इन दोनों मेडिकल कॉलेज पर...

‘मैं मध्य प्रदेश की धरती पर ‘लव जिहाद’ नहीं होने दूँगा, ये देश को तोड़ने का षड्यंत्र है’: CM शिवराज सिंह चौहान

“मेरे सामने ऐसे उदाहरण भी हैं कि शादी कर लो, पंचायत चुनााव लड़वा दो और फिर पंचायत के संसाधनों पर कब्जा कर लो। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।"
00:20:48

क्या है अर्णब-अन्वय नाइक मामला? जानिए सब-कुछ: अजीत भारती का वीडियो | Arnab Goswami Anvay Naik case explained in detail

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर मुंबई पुलिस का चेहरा 4 नवंबर को पूरे देश ने देखा। 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे, घसीटकर उन्हें अलीबाग थाने ले गए।
00:16:15

यूपी में लव जिहाद पर अध्यादेश पारित: अजीत भारती का वीडियो | UP passes ordinance on Love Jihad and conversions

नाम छिपाकर शादी करने वाले के लिए 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन पर 1 से 10 साल तक की सजा होगी।

Cyclone Nivar के अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धरने की आशंका: ट्रेनें, फ्लाइट रद्द, NDRF की टीम तैनात

“तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

आखिर CM रावत ने India Today से ये क्यों कहा- भ्रामक खबर फैलाने से बचें?

India Today ने अपने समाचार चैनल पर दावा किया कि उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में रविवार, 29 नवम्बर से लॉकडाउन घोषित किया है।

#justiceforkirannegi: CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उठाया गैंगरेप पीड़िता के परिवार को इंसाफ दिलाने का बीड़ा, कहा- अब चुप नहीं बैठेंगे

आज सोशल मीडिया के कारण किरण नेगी का यह मामला मुख्यधारा में आया है। उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इस पर स्वयं संज्ञान ले लिया है।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

‘पहले सिर्फ ऐलान होते थे, 2014 के बाद हमने सोच बदली’: जानिए लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्‍थापना दिवस पर क्या बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ के साथ ही अन्य मंत्री भी आनलाइन जुड़े रहे।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,385FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe