वक्फ बोर्ड का काम अल्लाह के नाम पर दान की गई संपत्ति की देख-रेख का होता है। नेहरू सरकार ने 1954 में एक्ट बनाकर इस बोर्ड को मजबूती दी थी। अब इसके नाम पर कब्जे होते हैं।
कॉन्ग्रेस ने जो मुस्लिमों के लिए किया वो भले ही मुस्लिम भूल जाएँ लेकिन हिंदुओं को याद रखना चाहिए, ताकि हमेशा दिमाग में रहे कैसे कॉन्ग्रेस हिंदुओं को दोयम दर्जे का बनाना चाहती थी।
साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित और मेजर रमेश के साथ जो हुआ... उसे देख कहना गलत नहीं कि यूपीए सरकार सिर्फ हिंदू आतंकवाद की थ्योरी को सही साबित करना चाहती थी।