पीएम मोदी को तानाशाह कहा जाता है लेकिन हकीकत ये है कि उन्हें गाली देने वाले आजाद हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेताओं पर फनी कंटेंट बनाने और शेयर करने पर भी कार्रवाई होती है।
यूएस आज हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यही काम जब भारत ने देश में कानून-व्यवस्था बनाने के लिए करता है तो अमेरिका मानवाधिकारों का ज्ञान देता है।
टिकटॉक ने ऐसा वर्ग को पैदा किया जो फेमस होने के लिए कुछ भी करने को तैयार थे। अब वो ऐप बैन है लेकिन इससे प्रभावित लोग अब भी वर्चुअल दुनिया के गुलाम हैं।