साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित और मेजर रमेश के साथ जो हुआ... उसे देख कहना गलत नहीं कि यूपीए सरकार सिर्फ हिंदू आतंकवाद की थ्योरी को सही साबित करना चाहती थी।
पीएम मोदी को तानाशाह कहा जाता है लेकिन हकीकत ये है कि उन्हें गाली देने वाले आजाद हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेताओं पर फनी कंटेंट बनाने और शेयर करने पर भी कार्रवाई होती है।
यूएस आज हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यही काम जब भारत ने देश में कानून-व्यवस्था बनाने के लिए करता है तो अमेरिका मानवाधिकारों का ज्ञान देता है।