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जयन्ती मिश्रा

साध्वी को दिखाए पोर्न, कर्नल को किया नंगा, मेजर को दी बेटी से रेप की धमकी… क्या हिंदू होना गुनाह?

साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित और मेजर रमेश के साथ जो हुआ... उसे देख कहना गलत नहीं कि यूपीए सरकार सिर्फ हिंदू आतंकवाद की थ्योरी को सही साबित करना चाहती थी।

खुद के हाथ-पैर नहीं, फिर भी बने दिव्यांगों की आवाज… मोदी सरकार ने पद्म पुरस्कारों को ‘कोठरी’ से किया मुक्त, हौसलों की कहानी से...

पोलियों के कारण मात्र 11 महीने की उम्र में अपने हाथ-पाँव गँवाने वाले डॉ केएस राजन्ना ने अपने जीवन में कई दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाया है।

विवाद मैदान का, खुद के मजे के लिए KL राहुल का ‘परिवार’ घसीट लाए मीमबाज: फैन नहीं कोढ़ है वह मानसिकता जो क्रिकेटरों की...

गोएनका और के एल राहुल की वीडियो देख आलोचना करने वाले लोग वहीं हैं जो पसंदीदा क्रिकेटर के आउट होने पर उसको माँ-बहन की गाली देने लगते हैं।

प्रोपेगेंडा ‘खतरे में मुसलमान’ का, पर भारत में हिंदुओं की हिस्सेदारी 8% घटी: इस्लामी आबादी का शेयर 5 फीसदी बढ़ा, ईसाई भी फले-फूले

पिछले 65 साल में हिंदू किसी के लिए खतरा नहीं बने, उलटा देश की जनसंख्या बढ़ने के बावजूद उनका प्रतिशत पहले के मुकाबले कम हुआ है।

‘तानाशाह मोदी’ की 3 ‘तानाशाही’: कोलकाता पुलिस को डिलीट करना पड़ा ट्वीट, मुस्लिमों को कॉन्ग्रेस के खिलाफ ‘भड़काया’

पीएम मोदी को तानाशाह कहा जाता है लेकिन हकीकत ये है कि उन्हें गाली देने वाले आजाद हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेताओं पर फनी कंटेंट बनाने और शेयर करने पर भी कार्रवाई होती है।

जो है बच्चों के हत्यारों/ बलात्कारियों की समर्थक, जिसके लिए हिंदू हैं भिखमंगा… उस परवीन शेख के लिए जागा इंडियन एक्सप्रेस का मजहब

इंडियन एक्सप्रेस ने परवीन शेख का पक्ष रख बताया कि उनसे इस्तीफा माँगा जा रहा है लेकिन ये नहीं बताया कि परवीन शेख ने कैसे हमास को समर्थन दिया।

जिंदा होते चंदा बाबू तो तेजाब से भी तेज उन्हें गलाता ज्ञानेश्वर की थेथरई, आतंकी की बेवा के लिए बिछने वाले को पत्रकार क्यों...

अपने आपको पत्रकार कहने वाले ज्ञानेश्वर ने शहाबुद्दीन का जिस तरह से महिमामंडन किया है उसे अगर चंदाबाबू देखते तो शायद उनके दुख की सीमा नहीं होती।

इस्लामी-वामी फिलीस्तीन समर्थकों का आतंक देख US भूला मानवाधिकारों वाला ज्ञान, भारत के समय खूब फैलाया था प्रोपगेंडा: अमेरिका का दोहरा चरित्र बेनकाब

यूएस आज हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यही काम जब भारत ने देश में कानून-व्यवस्था बनाने के लिए करता है तो अमेरिका मानवाधिकारों का ज्ञान देता है।