457 कुल लेख

जयन्ती मिश्रा

जो है बच्चों के हत्यारों/ बलात्कारियों की समर्थक, जिसके लिए हिंदू हैं भिखमंगा… उस परवीन शेख के लिए जागा इंडियन एक्सप्रेस का मजहब

इंडियन एक्सप्रेस ने परवीन शेख का पक्ष रख बताया कि उनसे इस्तीफा माँगा जा रहा है लेकिन ये नहीं बताया कि परवीन शेख ने कैसे हमास को समर्थन दिया।

जिंदा होते चंदा बाबू तो तेजाब से भी तेज उन्हें गलाता ज्ञानेश्वर की थेथरई, आतंकी की बेवा के लिए बिछने वाले को पत्रकार क्यों...

अपने आपको पत्रकार कहने वाले ज्ञानेश्वर ने शहाबुद्दीन का जिस तरह से महिमामंडन किया है उसे अगर चंदाबाबू देखते तो शायद उनके दुख की सीमा नहीं होती।

इस्लामी-वामी फिलीस्तीन समर्थकों का आतंक देख US भूला मानवाधिकारों वाला ज्ञान, भारत के समय खूब फैलाया था प्रोपगेंडा: अमेरिका का दोहरा चरित्र बेनकाब

यूएस आज हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यही काम जब भारत ने देश में कानून-व्यवस्था बनाने के लिए करता है तो अमेरिका मानवाधिकारों का ज्ञान देता है।

जज की टिप्पणी ही नहीं, IMA की मंशा पर भी उठ रहे सवाल: पतंजलि पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ईसाई बनाने वाले पादरियों के ‘इलाज’...

यूजर्स पूछ रहे हैं कि जैसी सख्ती पतंजलि पर दिखाई जा रही है, वैसी उन ईसाई पादरियों पर क्यों नहीं, जो दावा करते हैं कि तमाम बीमारी ठीक करेंगे।

एक ‘राहुल जी’ की नजर को बेताब, दूजी टिकट की आस में बौराई… प्रज्ञा मिश्रा और नेहा सिंह राठौर ई का बा

एक 'पत्रकार' तो दूसरी 'लोकगायिका' के नकाब में बलजोरी करती हैं। जब कोई आलोचना करता है दोनों महिला वाला विक्टिम कार्ड निकाल लेती हैं।

चीन से आई बीमारी, मोदी सरकार ने की नसबंदी, फिर भी रिश्ते तक को रहा लील: जिंदगी छीन रहा मनोरंजन का यह ट्रेंड

टिकटॉक ने ऐसा वर्ग को पैदा किया जो फेमस होने के लिए कुछ भी करने को तैयार थे। अब वो ऐप बैन है लेकिन इससे प्रभावित लोग अब भी वर्चुअल दुनिया के गुलाम हैं।

‘पाकिस्तान में आतंकियों को मरवा रहा है भारत’: चुनाव के समय ‘प्रोपेगेंडा’ खड़ा करने चला था हिंदू विरोधी विदेशी मीडिया, आम लोगों में PM...

द गार्जियन ने आर्टिकल लिखा था ये सोचकर कि इससे मोदी सरकार पर सवाल उठेंगे लेकिन सवाल उठना तो दूर, लोग अब पीएम मोदी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

रमजान में हिंदू बच्चों के हत्यारे को बचाने निकली RJ सायमा निभा रही मुस्लिम ब्रदरहुड, ‘काफिर’ अजीत अंजुम लेकिन क्यों कर रहा ऐसा?

आरजे सायमा का मतलब इससे नहीं है कि बदायूँ में जो हुआ वो किस कारण हुआ, उनका मकसद है कि कैसे लोग इस पर बात करना बंद करें कि हत्यारा साजिद है।