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जयन्ती मिश्रा

यह जोगेंद्रनाथ का आँगन है, यहीं 60 लोगों को लाइन में खड़ा कर मारी थी गोली… नीवा, काली, रानी आज भी उन जख्मों संग...

6 नावों पर बैठकर 150 पाकिस्तानी आए। जोगेंद्रनाथ पाल के आँगन में 60 पुरुषों को खड़ा किया... मुक्ति से पहले बांग्लादेश में बर्बरता की एक कहानी।

फिल्मी नहीं, फैमिली वाला है ये बॉलीवुड: जो कंगना ने कहा, शनाया के लिए करण जौहर ने वही दिखाया

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म सुर्खियों में था। उस समय जो कंगना ने कहा था उसे ही एक बार करण जौहर ने साबित कर दिखाया है।

शौच के लिए निकली नाबालिग लड़की का मो. रब्बान ने किया अपहरण, लाचार पिता ने कहा- कोई नहीं कर रहा मदद

पीड़िता के पिता कहते हैं कि उनका साथ इस समय कोई नहीं दे रहा है। गाँव के मुसलमान इसमें शामिल हैं। कोई नहीं बता रहा है कि लड़का कहाँ हैं।

‘अंकित शर्मा ने किया हिंसक भीड़ का नेतृत्व, ताहिर हुसैन कर रहा था खुद का बचाव’: ‘द लल्लनटॉप’ ने जमकर परोसा प्रोपेगेंडा

हमारे पास अंकित के परिवार के कुछ शब्द हैं, जिन्हें पढ़कर आज लगता है कि उन्हें पहले से पता था कि आखिर में न्याय तो मिलेगा नहीं लेकिन उसके बदले अंकित को दंगाई घोषित जरूर कर दिया जाएगा।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय: नेहरू जानते थे कि ये न केवल संसद का समीकरण बदलेगा बल्कि राजनीति भी बदल देगा

पंडित दीन दयाल पर बात करते हुए वो कहते हैं - "जवाहर लाल नेहरू जानते थे कि ये आदमी न केवल संसद में समीकरण को बदलेगा बल्कि..."

मुनव्वर फारूकी के लिए मीडिया गिरोह ने खेला विक्टिम कार्ड, जेल में बंद बाकी 4 के लिए क्यों मर गई संवदेनाएँ?

गिरोह की हिपोक्रेसी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि एक भी बार इनकी संवेदनाएँ उन अन्य 4 लोगों के लिए बाहर नहीं आईं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

बायकॉट, ब्लैकआउट और अब ट्रैक्टर परेड: 26 जनवरी पर अराजकता फैलाने का लिबरल-कट्टरपंथियों का पैंतरा पुराना

दिल्ली पुलिस की इजाजत नहीं मिलने के बावजूद किसान संगठनों की 26 जनवरी को ट्रैक्टरों संग परेड निकालने की जिद के क्या मायने हैं?