दीपू मोनी को न सिर्फ गिरफ्तार किया गया, बल्कि कोर्ट में भी पेश किया गया। उसकी पेशी के दौरान इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हमला बोल दिया, जिसमें वो घायल भी हो गईं।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह उन्हें ज़मीन और सुरक्षा मुहैया कराए। हम उनके भोजन और अन्य ज़रूरतों का ध्यान रखेंगे और सरकार पर बोझ नहीं आने देंगे।"
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है। अब संस्थानों से हिंदू कर्मचारियों को इस्तीफा देने पर मजबूर किया जा रहा है। हाल-फिलहाल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।