अकील नौकरी दिलाने का लालच दे कर पीड़िता को अपने साथ लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट ले गया। उसके साथ खलील, इंतज़ार और एक अज्ञात भी था। इन सभी ने एक वकील के द्वारा बनवाए गए कागजों पर पीड़िता के दस्तखत करवाए।
हाई कोर्ट ने कहा कि प्रिंसिपल से पूछताछ की जानी चाहिए, साथ ही सवाल भी उठाया कि कैसे उन्हें दूसरे मेडिकल कॉलेज में वही पद दे दिया गया, जबकि उन्होंने इस्तीफा दिया है।