रेप पीड़िता के वकील ने बताया कि पीड़िता का घर पूरी तरह से टूट चुका है। उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर ने अपने अपराध को छिपाने के लिए पीड़िता पर न सिर्फ़ केस वापस लेने का दबाव बनाया बल्कि एक विधायक के तौर पर डराया-धमकाया भी।
नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में फिर से विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। जिन शहरों से हिंसक वारदातों की रिपोर्ट आ रही है, उनमें प्रमुख हैं - फिरोजाबाद, हापुड़, कानपुर, बहराइच, सीतापुर, गोरखपुर मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और हमीरपुर।
कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने बताया कि दिल्ली महिला कॉन्ग्रेस की करीब 50 अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया और मंदिर मार्ग पुलिस थाना ले जाया गया।
लखनऊ में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में गुरुवार को जमकर हिंसा हुई। इसमें उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया, उनपर काँच की बोतलें बरसाईं। दंगाईयों की भीड़ शहर के मुख्य इलाकों में घुस गई और जमकर आगजनी व पथराव किया।
प्रोफेसर जोसेफ पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मलयालम भाषा में एक विवादित प्रश्नपत्र तैयार किया था, जिससे समुदाय विशेष की मजहबी भावनाएँ आहत हुई थीं। 2010 में उन पर कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन के सदस्य नजीब समेत कुछ युवकों ने चाकुओं से उनका दाहिना हाथ काट दिया था।
“हमारा अनुरोध है कि क्योंकि उन्होंने (वकार अहमद) खुद को मानसिक रूप से अयोग्य और अक्षम साबित कर दिया है, तो उन्हें तुरंत काम करने से रोका जाना चाहिए। हम सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से अनुरोध करते हैं कि वे उन्हें किसी भी प्रशासनिक या न्यायिक कार्य करने से रोकें। वह 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' हैं।”
अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाक़े में मुस्लिम भीड़ द्वारा नागरिकता क़ानून के विरोध में हिंसा की गई। पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। इन आरोपों में अहमदाबाद पुलिस ने कॉन्ग्रेस कॉरपोरेटर शहज़ाद खान पठान समेत 49 दंगाईयों को हिरासत में लिया है।
हाई कोर्ट ने अदालत परिसर में नारेबाजी के प्रकरण की जाँच के लिए एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। समिति गहराई से जाँच के बाद दोषी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई पर उचित दिशा-निर्देश देगी।