राहुल गाँधी ने प्रणब मुखर्जी को बधाई देने के लिए यहाँ तक कि एक ट्वीट भी नहीं किया है। हाल ही में एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार को मैगसेसे अवॉर्ड मिला था, तब राहुल ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी थी।
पीड़िता की बहन ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अफजल और उसका पूरा परिवार मिल कर उसकी बहन को प्रताड़ित करता था। उसने न सिर्फ़ पीड़िता और उसके दो बच्चों को बंधक बनाया बल्कि 4 दिनों तक खाना-पीना भी नहीं दिया।
UNSC की अध्यक्ष द्वारा पाकिस्तान पर 'नो कमेंट्स' वाली टिप्पणी करने से पहले अमेरिका के दो नेता भी पाकिस्तान को भारत के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से बचने की बात बोल चुके हैं और उन्हें कह चुके हैं कि वह अपनी सरजमीं पर पल रहे आतंकी गुटों से निबटने पर ध्यान दें।
मध्य हावड़ा स्थित श्रीरामकृष्ण शिक्षालय से भी एक गंभीर मामला सामने आया था। यहाँ कक्षा एक में पढ़ने वाले एक छोटे बच्चे की सिर्फ़ इसीलिए पिटाई की गई थी क्योंकि उसने 'जय श्री राम' कहा था।
BJP नेता आकाश का दावा है कि आजम खान रामपुर के लोगों को झूठी कहानी सुनाते हैं। उन पर आपातकाल के दौरान आंदोलन में भाग लेने की वजह से कार्रवाई नहीं हुई थी। बल्कि उनके अमर्यादित आचरण के कारण उन्हें AMU से निष्कासित कर दिया गया था।
हिन्दू संगठनों ने कहा, "जो परिवार अपनी जन्मभूमि वापस नहीं जाना चाहते, उनकी संपत्ति का सरकार इस्तेमाल करे और ऐसे सभी परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। यह सब सरकार का दायित्व है।"
पुलिस ने मुख्तयार को जमीन कब्जाने के मामले में गिरफ्तार किया था। लेकिन जब उसके फोन की जाँच हुई तो उसमें नाबालिग के साथ किए अत्याचार का खुलासा हुआ। पुलिस ने वीडियो देखने के बाद आरोपित मुख्यतार पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
जब भारत सरकार का रुख साफ़ है कि पूरा का पूरा जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग है और यह हमारा आंतरिक मुद्दा है, ऐसे में इन प्रोपेगेंडा पोर्टल्स द्वारा पाकिस्तानी अजेंडे को आगे बढ़ाना कहाँ तक उचित है?