सार्वजनिक जगहों पर जुमे की नमाज अता किए जाने की हरियाणा के सीएम खट्टर भी आलोचना कर चुके हैं। बीते साल नोएडा पुलिस ने कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि वे अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक जगहों पर नमाज अता करने से रोकें। बीते साल ही मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल प्रार्थना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
राज्य सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि पर्यावरण के प्रति जागरुकता पैदा करने और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से आम और उसके पौधे बाँटे गए। कहा यह भी जा रहा है कि सदन में जिस विभाग का बजट पेश किया जाता है उस विभाग की तरफ से सदस्यों के बीच उपहार बाँटने की भी परंपरा रही है।
''वाह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी! छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान का प्रतीक है दुपट्टा-पगड़ी, लेकिन जन चौपाल में आपसे मिलने आए लोगों की शिकायतें सुनने से पहले उनके गमछे-पगड़ी को सीएम हाऊस में उतरवाकर यूँ टाँग दिया! दुपट्टा-पगड़ी से भी आपकी सुरक्षा को खतरा है क्या?''
बात शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की थी हालाँकि, जिन लोगों ने वहाँ भाषण दिया, उनमें से कई के भाषण उत्तेजक थे तो कई ने शांति बनाए रखने की अपील की। मौलवियों ने कहा कि अगर समुदाय वालों की तरह किसी और को निशाना बनाया गया होता तो वे अभी तक पलटवार कर चुके होते।
कॉन्ग्रेस ने सरकार बनने पर तीन तलाक विरोधी बिल समाप्त करने का वादा किया था। लिहाजा, सिंघवी का यह रुख चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा है कि इसी आधार पर यदि देश का हर मुसलमान फैसला करने लगे तो फिर क्या होगा!
"अगर वित्तीय संसाधनों पर किसी पार्टी विशेष का एकछत्र कब्ज़ा हो तो कोई चुनाव निष्पक्ष हो ही नहीं सकता। अब भारत में सभी सरकारी संगठन न्यूट्रल नहीं रहे हैं और हमारी लड़ाई सबके ख़िलाफ़ थी। RSS सभी संगठनों पर कब्ज़ा करने में सफल हो गया है।"
बेहद भावुक कर देने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नन्हा गैंडा जमीन पर मृत पड़ी माँ को जगाने की लगातार कोशिश कर रहा है। उसे समझ में नहीं आ रहा कि उसकी माँ के शरीर में कोई हरकत हो क्यों नहीं रही है। वह माँ का दूध पीने की कोशिश करता भी नजर आता है।