Tuesday, July 27, 2021
Homeराजनीतिवाह कॉन्ग्रेसी बघेल जी वाह! महिलाओं के दुपट्टे से भी आपको खतरा है क्या?

वाह कॉन्ग्रेसी बघेल जी वाह! महिलाओं के दुपट्टे से भी आपको खतरा है क्या?

पता नहीं क्यों कॉन्ग्रेस अक्सर छीछालेदर के बाद ही सबक लेती है। जब सुरक्षा जाँच के बाद औरतों-पुरुषों को अंदर जाने की इजाजत मिली तो महिलाओं के दुपट्टे और पुरुषों के पगड़ी से भी भला क्या खतरा?

क्या किसी को महिलाओं के दुपट्टे और बुजुर्गों की पगड़ी से भी खतरा हो सकता है? या सत्ता मिलाने के बाद जनता को उसकी औकात बताने की साजिश? क्योंकि ऐसी ही एक हरकत कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्री ने की है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बुधवार को ‘मुख्यमंत्री जन चौपाल’ कार्यक्रम के तहत जनता से रूबरू होने के लिए मुख्यमंत्री निवास पर आम लोगों को आमत्रित किया था। सीएम आवास के भीतर जाने से पहले लोगों के दुपट्टा और पगड़ी उतरवा लिए गए। इस मसले पर बीजेपी छत्तीसगढ़ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने आवास के बाहर ढेर सारी रखी गई दुपट्टा-पगड़ी की तस्वीर को शेयर करते हुए कॉन्ग्रेस पर हमला किया। बीजेपी ने सीएम भूपेश बघेल से सवाल किया कि दुपट्टा-पगड़ी से भी आपकी सुरक्षा को खतरा है क्या?

बीजेपी ने कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए ट्विटर पर लिखा, ”वाह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी! छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान का प्रतीक है दुपट्टा-पगड़ी, लेकिन जन चौपाल में आपसे मिलने आए लोगों की शिकायतें सुनने से पहले उनके गमछे-पगड़ी को सीएम हाऊस में उतरवाकर यूँ टाँग दिया! दुपट्टा-पगड़ी से भी आपकी सुरक्षा को खतरा है क्या?”

हालाँकि, बीजेपी द्वारा कॉन्ग्रेस की खिचाई के बाद, इस पर कॉन्ग्रेस के छत्तीसगढ़ ट्विटर अकाउंट ने माफी माँगते हुए ट्वीट पर जवाब दिया और लिखा- ”जैसे ही सूचना मिली, दुपट्टा-पगड़ी उतरवाना बंद कर दिया गया है। हम ग़लतियों को तत्काल सुधारते हैं। सुरक्षाकर्मियों ने एहतियात के नाम पर ग़लती की। जनता और जनप्रतिनिधि के बीच का यह खूबसूरत रिश्ता प्यार और विश्वास पर कायम होता है।”

बता दें कि मंगलवार (जुलाई 2, 2019) को सीएम भूपेश बघेल और कॉन्ग्रेस छत्तीसगढ़ ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री जन चौपाल की घोषणा की थी। जिसमें सीएम बघेल ने लिखा था, ”मैं जनता का मुख्यमंत्री हूँ। प्रत्येक जगह अपनी जनता से मिलना चाहता हूँ, चाहे वह मेरा निवास ही क्यों न हो! मुख्यमंत्री निवास पर आप सबका स्वागत करता हूँ।”

पता नहीं क्यों कॉन्ग्रेस अक्सर छीछालेदर के बाद ही सबक लेती है। जब सुरक्षा जाँच के बाद औरतों-पुरुषों को अंदर जाने की इजाजत मिली तो महिलाओं के दुपट्टे और पुरुषों के पगड़ी से भी भला क्या खतरा? खैर, कॉन्ग्रेस ने अपनी गलतियों के लिए माफ़ी माँग ली है। लेकिन सोशल मीडिया पर अपनी भद्द पिटवाने के बाद।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

असम-मिजोरम बॉर्डर पर भड़की हिंसा, असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत: हस्तक्षेप के दोनों राज्‍यों के CM ने गृहमंत्री से लगाई गुहार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव में असम पुलिस के 6 जवानों की जान चली गई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,362FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe