इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बावजूद अभी 100 से भी अधिक ऐसे अधिकारी हैं, जिन पर सरकार की नज़र है। इन सुस्त अधिकारियों को सरकार ने अभी अपने रडार पर रखा है और इन पर कार्रवाई की गाज कभी भी गिर सकती है।
पश्चिम बंगाल में साल 2011 में जब तृणमूल सत्ता में आई उसके बाद 'कट मनी' का प्रचलन आम हो गया। यह इस तरीके से माँगा जाना शुरू हुआ कि ग्रामीणों को पता ही नहीं चला कि यह घूस है बल्कि इसे वे हाल के दिनों तक 'सरकारी दर' ही समझते रहे। उन्हें अपने ठगे जाने की बात तब समझ आई जब...
गिरफ़्तार आरोपितों में से मोहम्मद ज़ुबैर और मोहम्मद अनस में से एक ऐसा है, जो पहले भी चोरी-चकारी के आरोप में गिरफ़्तार हो चुका है। मंदिर में अब पहले की भाँति पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
पिछले 8 वर्षों में इस योजना पर 700 करोड़ रुपए से भी अधिक राशि ख़र्च की गई थी। 2018 में भाजपा सरकार ने इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया था। जबकि 2019 के बजट में इस योजना के बजट को 30 गुना कम कर दिया गया। सिर्फ़ 6 करोड़ रुपए ही आवंटित किए गए हैं।
ये घटना उत्तरी कश्मीर के हंदवारा स्थित वागत गाँव की है। शिक्षक ने बच्चे की इतनी पिटाई की कि वह ज़मीन पर लेट गया। इसके बाद उसने कुल्हाड़ी हाथ में लेकर उसे मारने की धमकी दी और डराया भी। अभी तक इसके पीछे के कारणों का पता नहीं चला है।
TV9 भारतवर्ष द्वारा 'कॉन्ग्रेस-वादी' पत्रकार सुप्रिया भरद्वाज की एक ऐसी रिपोर्ट शेयर की गई जिसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी भूतपूर्व पीएम मनमोहन सिंह से मिलने उनके निवास पर गए थे। इस रिपोर्ट में इस मीटिंग की 'एक्सक्लूसिव' रिपोर्टिंग का भी दावा किया गया था।
केंद्र सरकार ने इसी साल मई में 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश', 'जमात-उल-मुजाहिदीन भारत' और 'जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' तथा इसके सभी स्वरूपों को आतंकवादी संगठन की लिस्ट में शामिल किया है। ये मदरसों के माध्यम से दहशतगर्दी फैलाने का काम करते हैं।
मुहम्मद फुरकान नाम के इस युवक की कब्र खोद ली गई थी और जब उसे दफनाया जाने वाला था, तभी परिवार के कुछ सदस्यों ने उसके शरीर में हरकत देखी। इसके बाद रोना-धोना बंद हो गया और हैरान परिजन मुहम्मद फुरकान को अस्पताल ले गए जहाँ उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है।