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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

इस्लामिक बैंकिंग के नाम पर धोखा देने वाले को कॉन्ग्रेस के मंत्री देने वाले थे ₹600 करोड़

मुस्लिम समाज से पैसे निवेश करवा कर और उन्हें 14% से 18% के लाभ का सपना दिखाकर अब मंसूर खान रफ़ूचक्कर हो गया। निवेशक जब बेंगलुरु के शिवाजीनगर स्थित IMA के दफ्तर में अपना पैसा माँगने पहुँचे तो वहाँ कोई नहीं मिला। अब मंसूर खान कहाँ है, यह किसी को नहीं पता।

मैंगो मैन हाजी कलीमुल्लाह के बगीचे में उगेंगे अमित ‘शाह’ नाम के खास आम

लखनऊ के पास मलीहाबाद में कलीमुल्लाह के आम के बागान हैं। वे आम की नई-नई किस्में ईजाद करने और सेलिब्रिटीज के नाम पर उनका नाम रखने के लिए जाने जाते हैं।

‘Terror Monitoring Group’ बना रहे अमित शाह, आतंकी फंडिंग की तोड़ेंगे कमर

जम्मू-कश्मीर सीआईडी के अतिरिक्त डीजीपी की अध्यक्षता में गठित 'टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप' की जिम्मेदारी जिहादियों को मिल रही आर्थिक सहायता को काटना होगा।

ममता से बातचीत को सशर्त तैयार हुए डॉक्टर, जगह खुद तय करेंगे

इससे पहले डॉक्टरों ने राज्य सचिवालय में बनर्जी के साथ बैठक के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और इसकी बजाय उनसे गतिरोध सुलझाने को लेकर खुली चर्चा के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल आने को कहा था।

सोमालिया में विस्फोट, 11 की मौत, अल क़ायदा से जुड़े संगठन अल-शबाब ने ली जिम्मेदारी

जनरल बशीर अब्दी मोहम्मद ने मोगादिशू में पत्रकारों को बताया कि पहला कार बम धमाका राष्ट्रपति भवन के नजदीक सुरक्षा चौकी पर हुआ जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। दूसरा कार बम धमाका हवाई अड्डे के नजदीक सुरक्षा चौकी पर हुआ जिसमें चालक और उसके साथी की मौत हो गई।

‘ममता की पुलिस की वजह से मर गया मेरा बेटा, डॉक्टर मदद करना चाहते थे’

"जूनियर डॉक्टरों ने अपनी ओर से भरसक प्रयास किया, हमारी सहायता करने की पूरी कोशिश की, वह रो रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें अंदर नहीं आने दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी चार बार फ़ोन किया लेकिन किसी ने फ़ोन नहीं उठाया।"

तुम्हारी क़िस्मत में विंग कमांडर अभिनंदन का जूठा कप ही है, वर्ल्ड कप नहीं: देखें वीडियो

.......हारने के बाद आपको मुँह छिपाने के काम आएगा, ये खेल बड़ा ज़ालिम है, एक ही दिन में बेटा, बाप बन जाता है.....

यहाँ हिंदी पर बवाल है वहाँ नेपाल के स्कूलों में चीनी भाषा पढ़ाना अनिवार्य, चीनी सरकार दे रही सैलरी

सरकारी पाठ्यक्रम विभाग के सूचना अधिकारी गणेश प्रसाद भट्टारी ने इस बारे में बात करते हुए कहा, ‘‘स्कूलों को विदेशी भाषा पढ़ाने की अनुमति है। मगर वे किसी भी विषय को विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य नहीं कर सकते हैं। यदि कोई विषय अनिवार्य करना भी है तो इसका निर्णय सरकार करती है। यह अधिकार स्कूलों के पास नहीं है।’’