बातचीत और समझौते की राह पर जाने की बात कहते हुए कोर्ट ने कहा कि ये विषय सिर्फ ज़मीन का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इस पर मिल बैठकर बात करने से अगर रास्ता निकल आए तो वही बेहतर होगा।
उन्होंने उल्लेख किया कि हिंदू द्वारा प्रकाशित दस्तावेज "सीक्रेट" के रूप में चिह्नित हैं। उन्हें इस तरह सार्वजनिक डोमेन में पेश नहीं किया जा सकता। केके वेणुगोपाल ने कहा कि रक्षा दस्तावेज प्रकाशित होने के बाद भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को भारी नुकसान हुआ है।
भारतीय सेना ने सबूत जारी कर बताया है कि IAF की गई एयर स्ट्राइक में आतंकवादियों के ठिकानों को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया गया था। साथ ही, भारत ने F-16 को नष्ट करने के बाद भी सबूत दिए थे।
वायु सेना ने सरकार को 'हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों' और 'सिंथेटिक एपर्चर रडार' इमेजरी के 12 पृष्ठ की रिपोर्ट भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए हवाई हमले के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
पेशी के दौरान फेसबुक के वैश्विक नीति प्रमुख ने अपने कुछ कर्मचारियों द्वारा पुलवामा हमले और आतंकवाद को लेकर की गई असंवेदनशील टिप्पणियों पर स्टैंडिग कमिटी से माफी भी माँगी।
फ़िलहाल, देखना यह है कि सिद्धारमैया अब अपने बयान पर कायम रहते हैं या अब अपने ही पार्टी के नेताओं के लम्बे टीके को देखते हुए, उनसे भी डरना शुरू कर देते हैं।
CJI ने अपने वक्तव्य में कहा, "संजय सिंह ने राफेल मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। हम बाद में संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं।"
सिंह ने यह भी कहा, "अगली बार जब भारत कोई कार्रवाई करे तो जो विपक्षी नेता प्रश्न उठाते हैं, उन्हें हवाई जहाज के नीचे बाँध के ले जाएँ। जब बम गिराया जाएगा तो उन्हें वहीं से टारगेट दिख जाएगा। इसके बाद उनको वहीं पर उतार दें। वे लोग टारगेट की जगहों को गिन लें और वापस आ जाएं।"