Saturday, July 31, 2021
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मेरे कार्यकाल में ISI जैश की मदद से भारत में कराती थी बम धमाके: परवेज मुशर्रफ

मुशर्रफ से जब यह पूछा गया कि उनके राष्ट्रपति रहते समय क्यों जैश के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया तो उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियाँ (ISI) जैश का इस्तेमाल भारत में बम धमाके कराने के लिए कर रही थीं।”

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार को दिए इंटरव्यू में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके कार्यकाल में जैश-ए-मोहम्मद की मदद से पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी भारत पर बम धमाके कराने का काम किया करती थी।

पाकिस्तानी पत्रकार नदीम मलिक को फोन पर दिए इंटरव्यू में परवेज मुशर्रफ ने वर्तमान समय में पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद पर की जा रही कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जिस समय वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे, उस समय जैश-ए-मोहम्मद ने उन पर 2 हमले करवाए थे। पत्रकार मलिक ने इस इंटरव्यू की 2 मिनट की क्लिप ट्विटर पर 5 मार्च को पोस्ट की है।

परवेज मुशर्रफ ने इस इंटरव्यू में कहा, “यह एक अच्छा कदम है। मैं हमेशा से कहता रहा हूँ कि जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी संगठन है। इस आतंकी संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।”

परवेज मुशर्रफ ने खुद इंटरव्यू में स्वीकारा है कि जिस समय वो पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे, उस समय जैश ने उन पर दो बार हमले कराए थे, जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे। दिसंबर 2003 में रावलपिंडी के झांडा चिची में आत्मघाती हमलावर ने परवेज मुशर्रफ पर हमला कराया था। मुशर्रफ ने कहा कि यह सौभाग्य कि बात है कि वे इस हमले में बच गए।

परवेज मुशर्रफ ने कहा, “मेरे पुल को पार करने के बाद कुछ देर बाद हमलावर ने बटन दबाया था।” मुशर्रफ से जब यह पूछा गया कि उनके राष्ट्रपति रहते समय क्यों जैश के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया तो उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियाँ (ISI) जैश का इस्तेमाल भारत में बम धमाके कराने के लिए कर रही थीं।”

भारत की कार्रवाई और आतंकवाद पर दुनिया भर के देशों के दबाव के बीच पाकिस्तान ने मंगलवार (5 मार्च, 2019) को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई और बेटे सहित 44 दहशतगर्द को गिरफ्तार करने का दावा किया था। हालाँकि, इस बात को प्रोपेगेंडा माना जा रहा है।

वैसे, कल ही पाकिस्तान द्वारा एक बयान आया है कि पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद जैसी कोई संस्था है ही नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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