Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाज100 साल से ऊपर है उम्र इन 6000 वोटरों की, लेकिन लोकतंत्र में आस्था...

100 साल से ऊपर है उम्र इन 6000 वोटरों की, लेकिन लोकतंत्र में आस्था मजबूत

करनाल जिले में 100 साल से ज्यादा उम्र के सबसे अधिक वोटर हैं और पंचकूला में इस उम्र-वर्ग के सबसे कम वोटर हैं।

आजकल के समय में जिस प्रकार से बुजुर्गों की बेकद्री की जाती है, उसके कारण वो अपने जीवन को पूरा नहीं जी पाते और समय से पहले ही 75-80 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह देते हैं। इस कारण आज 90 या उससे ऊपर की उम्र के बुजुर्ग दुर्लभ ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में हरियाणा में चल रही चुनाव की हवा एक ऐसी ख़बर लेकर आई है, जिसे सुनकर निश्चित ही आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी।

साल 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में इन दोनों चुनावों की तैयारी हरियाणा में जोर-शोर से हो रही है। इसी दिशा में वहाँ वोटर लिस्ट भी तैयार हो चुकी है। इस वोटर लिस्ट के बनने के बाद जो खास बात निकलकर आई वो यह कि इस लिस्ट में 5,910 वोटर ऐसे सामने आए, जिनकी उम्र 100 साल से ऊपर की है। और 89,711 ऐसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 90 से 99 के बीच है।

उम्र के जिस मोड़ पर आकर लोग घर-परिवार के साथ खुद के जीवन की स्मृतियों को भी भुलाने लगते हैं उस उम्र में इन बुजुर्गों में मतदान को लेकर जोश और सजगता आज भी बरकरार है। जिसके चलते देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाते हुए ये बुजुर्ग इस वर्ष चुनावों में मतदान करके अपना योगदान देंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक वोटर लिस्ट में देखें तो हरियाणा के करनाल जिले में 100 साल से ज्यादा उम्र के सबसे अधिक वोटर हैं और पंचकूला में इस उम्र-वर्ग के सबसे कम वोटर हैं। करनाल में जहाँ इन बुजुर्ग वोटर्स की संख्या 553 है वहीं पंचकूला में इस उम्र-वर्ग के केवल 111 ही मतदाता हैं।

इसके अलावा हरियाणा में 89,711 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी उम्र 90 से 99 वर्ष की है। इस श्रेणी में आने वाले सबसे ज्यादा मतदाता भिवानी में हैं, जहाँ इनकी संख्या 7,946 है, जबकि इस उम्र-वर्ग के सबसे कम वोटर पंचकूला में हैं जहाँ पर इनकी संख्या 1,436 है।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी इंद्रजीत का कहना है कि अंतिम वोटर लिस्ट को 31 जनवरी 2019 को प्रकाशित किया गया था, जिसके अनुसार मतदाता सूची में इस बार 3.68 लाख नए वोटर्स जुड़े हैं लेकिन सत्यापन के बाद इस सूची से 85,613 वोटर्स बाहर कर दिए गए क्योंकि वह सभी नाम फर्जी थे और एक से अधिक जगहों पर उनका नाम दर्ज था। इंद्रजीत ने कहा कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि इतनी अधिक आयु वाले मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची में दर्ज हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बांग्लादेशी महिला के 5 छोटे बच्चे, 3 लड़कियाँ… इसलिए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दे दी जमानत: सपा विधायक की मदद से भारत में रहने...

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जेल में बंद एक बांग्लादेशी महिला हिना रिजवान को जमानत दे दी। महिला अपने बच्चों के साथ अवैध रूप से भारत में रही थी।

घुमंतू (खानाबदोश) पूजा खेडकर: जिसका बाप IAS, वो गुलगुलिया की तरह जगह-जगह भटक बिताई जिंदगी… इसी आधार पर बन गई MBBS डॉक्टर

पूजा खेडकर ने MBBS में नाम लिखवाने से लेकर IAS की नौकरी पास करने तक में नाम, उम्र, दिव्यांगता, अटेंप्ट और आय प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा किया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -