Wednesday, April 14, 2021
75 कुल लेख

रचना कुमारी

महाराष्ट्र की सियासत में नया मोड़: परमबीर के लेटर बम से शिवसेना-NCP की दोस्ती में दरार, बिहार दोहराए जाने के आसार

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन मौत मामले में घिरी महाराष्ट्र सरकार एक बार फिर मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। मामले में पूर्व पुलिस कमिश्नर के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर वसूली का आरोप लगाने के बाद से महाविकास अघाड़ी सरकार में अंदरूनी खटपट भी तेज हो गई है।

राहुल गाँधी ने केरल की जनता से ‘उत्तर-दक्षिण’ कर वही किया जो उनके नेता उनसे करते हैं, जो उनको पसंद है – चापलूसी

असल में कॉन्ग्रेस नेता तो झूठ और सच के फेर में नहीं फँसते- वे तो बस वही बोलते हैं जो राहुल गाँधी को पसंद होता है। केरल की जनता के साथ भी राहुल यही प्रयोग कर रहे हैं।

एक पागल, भारत के बारे में उसका पढ़ना… और Oxford का बनना: आखिर क्यों काट लिया था उसने अपना लिंग?

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में जिस तरह से शब्द के हर रुप को सुसज्जित और व्यवस्थित किया गया है, उसे देखकर क्या कोई यह सोच भी सकता है कि...

चुनने की आजादी बेटियों का अधिकार, समानता की हकीकत को पुरुषों को स्वीकार करना होगा

24 जनवरी को 'राष्ट्रीय बालिका दिवस' (National Girl Child Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लड़कियों के सम्मान और महत्व को बढ़ावा देना है।

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

राम मंदिर निर्माण की तारीख से क्यों अटकने लगी विपक्षियों की साँसें, बदलते चुनावी माहौल का किस पर कितना होगा असर?

अब जबकि राम मंदिर निर्माण के पूरा होने की तिथि सामने आ गई है तो उन्हीं भाजपा विरोधियों की साँस अटकने लगी है। विपक्षी दल यह मानकर बैठे हैं कि भाजपा मंदिर निर्माण 2024 के ठीक पहले पूरा करवाकर इसे आगामी लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी।

CM योगी के दमदार फैसले, जिसने पेश की नई नजीर: लव जिहाद कानून से लेकर अपराधियों पर सख्ती तक… कितनी बदली UP

लव जिहाद पर बहस छिड़ी थी मध्य प्रदेश में, उधर बहसा-बहसी ही जारी थी और इधर योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट में लव जिहाद को लेकर कानून भी बना दिया। योगी आदित्यनाथ की इस तेजी और मुस्तैदी पर खूब चर्चाएँ हुई थी।

वो मीडिया हाउस जिसके लिए लादेन था पिता-पति, विवेकानंद को लिखा – सिगार पीने वाला

लादेन को एक 'पिता-पति' बताने वाले 'दी क्विंट' को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर यह बताने की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हुई कि वह एक ‘सिगार पीने वाले सन्यासी’ थे।

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