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Rukma Rathore

Accidental journalist who is still trying to learn the tricks of the trade.

आज जो म्यांमार गृहयुद्ध, तख्तापलट और नार्को-टेरिरिज्म में फँसा, वहाँ 1000 साल पहले था समृद्ध बागान साम्राज्य: बौद्ध राजवंश पर थी भारतीय संस्कृति की...

म्यांमार कभी भारतीय संस्कृति से प्रेरित समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से जीवंत सभ्यता था। यहाँ प्राकृतिक दृश्य और सुनहरे मंदिरों की भरमार थी।

शंख, सोना, हाथी के दाँत… कीलाडी में मिले 18000+ प्राचीन सामान: अमरनाथ रामकृष्ण की रिपोर्ट पर क्यों हो रहा विवाद, क्यों ASI-केंद्र के पीछे...

तमिलनाडु के कीलाडी में हुई खुदाई ने दक्षिण भारत में एक प्राचीन और शहरीकृत सभ्यता के अस्तित्व का प्रमाण दिया है। यह खुदाई 2014 में शुरू हुई थी।

गाजा की पैरवी, हरकतें US-इजरायल विरोधी… जानें कौन हैं फ्रांसेस्का अल्बानीज? जिस पर अमेरिका ने लगाया बैन: एक्शन के बाद कहा- ताकतवर लोग कमजोर...

अमेरिका ने यूएन के विशेष राजदूत अल्बानीज पर बैन लगाने की घोषणा की है। उस पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया है।

एक साथ 5 नौकरी, ₹2.5 लाख रोजाना की कमाई… ‘मूनलाइटिंग’ के ‘एक्सपर्ट’ सोहम पारेख पर अब बन रहे मीम्स: CEO ने किया ‘फ्रॉड’ का...

सोहम पारेख के नाम से इंटरनेट पटा पड़ा है। कोई उनके मीम्स बना रहा है तो कोई उन्हें जॉब ऑफर कर रहा है। अमेरिका उद्यमी दोशी ने पारेख की धोखाधड़ी को पकड़ा।

निमिषा, मरियम और प्रयागराज की दलित बच्ची… ‘द केरल स्टोरी’ फिर हो गई रिपीट: इस पर चर्च तक है परेशान, चारों तरफ मौजूद हैं...

केरल में लव जिहाद के मामलों में बढ़ोतरी, ईसाई संगठनों की चिंता, केरल सरकार पर अनदेखी और कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

‘मैं दक्षिण एशियाई नहीं, भारतीय हूँ’: ब्रिटेन में ‘ग्रूमिंग जिहाद’ कर रहे पाकिस्तानियों की पहचान पर ‘नकाब’ डाल रही पश्चिमी मीडिया, यह भारत की...

पश्चिमी मीडिया बार-बार 'दक्षिण एशिया' शब्द का इस्तेमाल कर भारत की सफलता को बांटने और पाकिस्तान की असफलताओं को छिपाने की कोशिश करता है।

आज जो छाँटते हैं मीडिया एथिक्स का ‘ज्ञान’, वही थे आपातकाल का ‘गोदी मीडिया’: इंदिरा गाँधी ने झुकने को कहा, वे खुद को बड़ा...

आपातकाल के दौरान मीडिया पर कड़ा नियंत्रण हुआ। स्वतंत्र पत्रकारिता दबा दी गई और बड़े मीडिया हाउस इंदिरा गाँधी के प्रचार का औज़ार बनकर रह गए।

हवाई जहाज, मिर्च और तलवों पर मोमबत्तियाँ: जिन छात्रों के आज हितैषी बनते हैं राहुल गाँधी, उन्हीं को इमरजेंसी में बर्बरता से दबा रही...

आपातकाल के दौरान इंदिरा गाँधी ने हजारों छात्रों को जेल में डाला, प्रताड़ित किया और कई की मौत हुई, अब राहुल गाँधी छात्रहित की बात करते हैं।