Home Blog Page 572

बुलंदशहर के एक गाँव में दलित लड़की की आई बारात, मुस्लिमों ने बंद कराया DJ: रिपोर्ट में दावा- लाठी-डंडे से लैस भीड़ ने घेरा, पुलिस ने नकारा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के एक गाँव में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों पर बारात का डीजे बंद करवाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बारात को लाठी-डंडे से लैस भीड़ ने घेर लिया था। हालाँकि पुलिस ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि डीजे की तेज आवाज को लेकर विवाद हुआ था।

घटना 17 नवंबर 2024 की है। बुलंदशहर के खानपुर थाना क्षेत्र के गाँव प्याना कला में किशनलाल जाटव की बेटी की शादी थी। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में बताया गया है कि टिटोटा गाँव से आए बाराती DJ की धुन पर नाचते-गाते दुल्हन के घर की तरफ द्वारचार के लिए बढ़ रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गाँव के ही कुछ मुस्लिम वहाँ पहुँच गए। उन्होंने बारातियों पर DJ बंद करने का दबाव बनाया।

कथित तौर पर बारातियों ने DJ बंद करने से मना कर दिया तो मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क उठे। दावा है कि 15-20 की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बारात को घेर लिया। इनके पास लाठी-डंडे और तमंचे थे। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुँचे दुल्हन के परिजनों से भी अभद्रता की गई। गंदी-गंदी गालियाँ और जान से मार डालने की धमकी देते हुए तमाम बारातियों को भगा दिया गया। कुछ बाराती ही दुल्हन के घर तक पहुँच पाए।

यह भी आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत गाँव के प्रधान युनूस खान से की तो उसने भी मुस्लिम पक्ष की तरफदारी की। पीड़ितों ने मामले की लिखित सूचना पुलिस को दी है। मंगलवार (19 नवंबर) को पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने के लिए शांति समिति की बैठक बुलाई थी। दुल्हन के परिजन चरन सिंह का दावा है कि इसमें मुस्लिम पक्ष के लोग नहीं आए।

पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुस्लिम पक्ष से 12 लोग नामजद किए गए हैं। 9 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। स्याना के डिप्टी एसपी ने ऑपइंडिया को बताया है कि मारपीट और हथियार लहराने के आरोप निराधार हैं। गाँव की एक मस्जिद में लगे CCTV कैमरे से पूरी घटना की पुष्टि हुई है। DJ की आवाज को कम करने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। उन्होंने शांति बैठक में मुस्लिम पक्ष के लोगों के नहीं आने के दावे को भी गलत बताया है। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने भी कहा है कि बारात को रोका नहीं गया था। मुस्लिमों का भी एक कार्यक्रम चल रहा था, इसके कारण डीजे की तेज आवाज पर कहासुनी हुई थी।

हम तो फूल (कमल) को ही वोट देंगे… जिस दलित युवती ने ठुकराया सपा को वोट देने का ‘आदेश’ उसकी हत्या, करहल के पीड़ित माँ-बाप बोले- रेप कर मार डाला

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के करहल में एक दलित युवती की लाश मिली है। युवती की लाश एक बोरे में भर कर फेंकी गई थी। युवती के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रशांत यादव और मोहन कठेरिया नाम के दो लोगों ने युवती की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि युवती ने करहल विधानसभा उपचुनाव में सपा के बजाय भाजपा को वोट देने की बात कही थी, इसलिए उसकी रेप के बाद हत्या की गई। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

युवती के पिता ने मीडिया को बताया, “3 दिन पहले मैं अपनी बिटिया को कोटा छोड़ने जा रहा था। इसी बीच बबलू नेताजी ने कहा कि वोट वोट डाल कर ही जाना। तब मेरी बिटिया ने कहा कि हम तो फूल (कमल) पर ही वोट देंगे। इस पर प्रशांत यादव ने कहा कि नहीं वोट साइकिल पर ही देना। अगर नहीं दिया तो गाड़ी से नहीं उतरोगे। इसके बाद अगले दिन 12-1 बजे मेरी बेटी को बिठा ले गया। इसके बाद हमने बिटिया को ढूँढा, कहीं नहीं मिली।”

युवती के पिता ने आगे बताया, “इसके बाद बबलू ने प्रशांत यादव को कोठी में बुलाया। हमने उनसे पूछा तो उन्होंने जानकारी से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि बिटिया को हमने रास्ते में उतार दिया था। इनमें से एक का नाम प्रशांत यादव और एक नाम मोहन कठेरिया है। बिटिया कह रही थी कि फूल पर ही वोट देंगे क्योंकि उन्होंने हमारा घर बनवाया… मेरे बेटे ने जब जाकर देखा तो बिटिया की चप्पले प्रशांत के यहाँ मिली। इसके बाद जब पूछा गया तो प्रशांत ने फिर मना कर दिया। बेटे ने कहा कि तुम्हारे यहाँ उसकी चप्पलें मिली हैं।”

युवती के पिता ने आरोप लगाया कि प्रशांत यादव और मोहन कठेरिया ने सपा को वोट ना देने के चलते उनकी बेटी का रेप करके मार दिया है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। यह घटना 19 नवंबर, 2024 को हुई है। परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शराब में नशे की गोली डाल कर पिलाई गई, इसके बाद उसके साथ रेप हुआ और फिर हत्या हुई।

युवती की माँ का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह रोते हुए न्याय की माँग कर रही है। युवती की माँ ने बताया कि परसों (18 नवम्बर, 2024) को भी उनकी बेटी को मोहन और प्रशांत ले गए थे लेकिन छोड़ गए थे। युवती की माँ ने आरोप लगाया कि इसके बाद कल (19 नवम्बर, 2024) को वह बैठा कर ले गए मार दिया। युवती की माँ ने कहा, “मेरी बेटी ने कहा कि हम किसी से डरते नहीं, हम कमल में वोट देंगे, किसी और को नहीं।” मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके मोहन कठेरिया और प्रशांत यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

मोहन कठेरिया और प्रशांत यादव पर SC/ST एक्ट, गैंगरेप और हत्या समेत जहरीला पदार्थ देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा है कि वह मामले में आगे जाँच कर कार्रवाई करेगी। करहल में यह घटना उस दिन सामने आई है जब इस सीट पर विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है।

भाजपा को वोट देने की बात कहने के कारण हत्या करने की बात पर सपा कठघरे में आ गई है। उत्तर प्रदेश भाजपा ने इस घटना को लेकर लिखा, “करहल में सपाई प्रशांत यादव व उसके साथियों ने एक दलित बेटी की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उसने साइकिल पर वोट देने से मना कर दिया था। मैनपुरी में सैफई परिवार और अखिलेश यादव के गुंडे फिर से आंतक का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मतदान करने से पहले एक पिता की पीड़ा जरूर सुनें।”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा पर इस मामले में हमला बोला है। बृजेश पाठक ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “मैनपुरी के करहल में एक दलित बेटी की समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और उसके साथियों द्वारा हत्या किया जाना अत्यंत दुखद एवं घोर निंदनीय कृत्य है। सपा का असली चेहरा यही है, निज स्वार्थ,सत्ता स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है।”

करहल विधानसभा सीट पर भाजपा ने अनुजेश यादव जबकि सपा ने पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को उतारा है। दलित युवती की सपा को वोट ना देने के चलते हत्या के कारण करहल में माहौल भी तनावपूर्ण बना हुआ है। यूपी पुलिस ने करहल में मोर्चा संभाला हुआ है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

एलन मस्क से सीधी टक्कर की तैयारी में मुकेश अंबानी, अलगे साल इंसानी रोबोट लॉन्च करेगा एडवर्ब: जानिए AI के बाद ह्यूमनॉइड में भारत कैसे पसार रहा पैर

AI के बाद भारत ह्यूमनॉइड के क्षेत्र में भी अपने पैर पसारने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस समर्थित रोबोटिक्स स्टार्ट-अप एडवर्ब ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने की घोषणा की है इसे अलगे साल 2025 में लॉन्च किया जाएगा। इसका सीधा मुकाबला एलन मस्क की कंपनी टेस्ला, बोस्टन डायनेमिक्स और एजिलिटी रोबोटिक्स से होगा।

नोएडा स्थित रोबोटिक्स कंपनी ने कहा कि वह फैशन, खुदरा और ऊर्जा क्षेत्रों सहित उद्योगों में जटिल कार्य करने में सक्षम एआई-संचालित ह्यूमनॉइड विकसित करेगी। यह कदम वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स दौड़ में भारत के प्रवेश का प्रतीक है। बता दें कि ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में टेस्ला, बोस्टन डायनेमिक्स और एजिलिटी रोबोटिक्स जैसी कंपनियों का वर्चस्व है।

एडवर्ब रोबोटिक्स में रिलायंस ने साल 2021 में निवेश किया था। इसके बाद मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी के किराना, फैशन, पेट्रोकेमिकल्स और स्वास्थ्य सेवा सहित विविध व्यवसायों में कई उन्नत रोबोटिक को तैनात किया। कंपनी ने कहा कि ऐडवर्ब ह्यूमनॉइड विकसित करने और समूह के व्यवसायों में इसे बड़े पैमाने पर तैनात करने के लिए रिलायंस के साथ मिलकर काम करेगा।

ऐडवर्ब ने पहले भारत का पहला चौगुना ‘ट्रैकर’ पेश किया था, जो एक एआई-संचालित रोबोट है। यह खुद नेविगेशन, मॉड्यूलर पेलोड और रखरखाव और विभिन्न इलाकों में चलने की क्षमता रखता है। ऐडवर्ब ने अपने स्टार्टअप की शुरुआत ऑटोमेशन प्रणाली और मोबाइल रोबोट विकसित करने के साथ शुरू की थी। अब ह्यूमनॉइन के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाने वाली है।

ऐडवर्ब के सह-संस्थापक और सीईओ संगीत कुमार ने कहा, “ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में हमारा प्रवेश ‘3डी’ नौकरियों को खत्म करने की हमारी महत्वाकांक्षा से प्रेरित है, जो सुस्त, गंदी और खतरनाक हैं। कंपनी रिलायंस के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का लाभ उठाने की योजना बना रही है। कंपनी विकास प्रक्रिया में Jio के AI प्लेटफ़ॉर्म और 5G सेवाओं को शामिल कर रही है।

ऐडवर्ब का यह ह्यूमनॉइड रोबोट एडवांस AI होगा जो विजन, ऑडियो और स्पर्श इनपुट से बड़ी मात्रा में मल्टी-मॉडल डेटा को प्रोसेस करने में सक्षम होगा। डायनेमिक और सेल्फ लर्निंग एल्गोरिदम का लाभ उठाते हुए यह ह्यूमनॉइड जटिल वातावरण को नेविगेट करेगा, जटिल कार्य करेगा, रियल टाइम में निर्णय लेगा। यह गोदामों, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न उद्योगों में वर्कफ़्लो को अनुकूल बनाएगा।

ह्यूमनॉइड रोबोट में अत्याधुनिक जीपीयू तकनीक, ऊर्जा-कुशल एक्चुएटर्स और दोनों हाथ द्वारा कार्य करने की क्षमताएँ होंगी। इससे वह विभिन्न इलाकों में नेविगेट करने और जटिल कार्य करने में सक्षम बनाएगी। इससे वह गतिशील वातावरण में खुद को संचालित करने के लिए विज़ुअल और लैंग्वेज एक्शन (वीएलए) तकनीक को शामिल करेगा।

सीईओ संगीत कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य न केवल एक विश्वस्तरीय ह्यूमनॉइड रोबोट बनाना है, बल्कि डाउनस्ट्रीम कंपनियों का एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जैसा कि हमने भारत में वेयरहाउस ऑटोमेशन में हासिल किया है। यह पहल भारत में ह्यूमनॉइड रोबोट को बढ़ावा देगी और इस तकनीक को वैश्विक रूप से अपनाने में सहायता करेगी। हम परिवर्तनकारी प्रगति की दिशा में रोमांचक यात्रा शुरू कर रहे हैं।”

ऐडवर्ब रोबोटिक्स के ग्राहकों में रिलायंस के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL),पेप्सिको, मेर्स्क, मोंडियल रिले, डीएचएल और लैंडमार्क प्रमुख हैं। ऐडवर्ब अमेरिका, यूरोप और एशिया में ऑपरेशनल है। कंपनी का कहना है कि वह भारत के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के साथ रोबोटिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।

बंगाल में पंक्चर बनाते-बनाते तस्कर बन गया मोहम्मद सुलेमान, वाराणसी में इदरीश के साथ पकड़ा गया: प्रयागराज महाकुंभ में नकली नोट खपाने की साजिश का खुलासा

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने प्रयागराज महाकुंभ में नकली नोटों को खपाने की एक साजिश का पर्दाफाश किया है। मोहम्मद सुलेमान अंसारी और इदरीश की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है। दोनों को 1.97 लाख रुपए मूल्य के नकली नोटों के साथ 19 नवंबर 2024 को वाराणसी के सारनाथ से गिरफ्तार किया गया।

इनके साथी जाकिर की तलाश की जा रही है। वही इस रैकेट का सरगना बताया जा रहा है। सुलेमान और इदरीश को जाकिर ही नकली नोट देता था। फिर दोनों उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसकी सप्लाई करते। जाकिर पश्चिम बंगाल के मालदा का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला है कि उसे बांग्लादेश से नकली भारतीय करेंसी की सप्लाई मिल रही थी।

सुलेमान और इदरीश बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। सुलेमान मालदा में पंक्चर बनाता था। इसी दौरान वह जाकिर के संपर्क में आया। सुलेमान को इससे पहले बिहार पुलिस ने भी एक बार 2 लाख रुपयों के नकली नोट के साथ पकड़ा था। इसके बाद वह करीब 6 महीने तक हाजीपुर जेल में बंद भी रहा था।

सुलेमान और इदरीश की गिरफ्तारी के बाद सारनाथ थाने में ATS इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी ने मामला दर्ज कराया है। इसकी प्रति ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसके अनुसार ATS को काफी समय से उत्तर प्रदेश में नकली नोटों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसमें मालदा के जाकिर और वैशाली के मोहम्मद सुलेमान की संलिप्तता की की भी सूचना थी।

19 नवंबर को एटीएस को सूचना मिली की कुछ लोग पश्चिम बंगाल से नकली नोटों की खेप ले कर वाराणसी में ट्रेन से उतरे हैं। पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान दो लोग फरीदपुर बाइपास पर पिट्ठू बैग के साथ खड़े दिखे। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। पकड़े जाने के बाद पूछताछ में एक ने अपना नाम मोहम्मद सुलेमान अंसारी (67) बताया। उसके पास से मोबाइल फोन, पैन कार्ड, नकद और रेल टिकट बरामद हुआ। वहीं दूसरे ने अपना नाम इदरीश बताया। उसके पास से भी रेल टिकट और मोबाइल फोन बरामद किया गया।

तलाशी के दौरान इनके पास से 500-500 के नकली नोटों की गड्डियाँ बरामद हुईं। दोनों ने बताया कि 2 दिन पहले वे वैशाली से मालदा गए थे। यहीं जाकिर ने उन्हें करीब दो लाख मूल्य के नकली नोट दिए थे। 30 हजार रुपये मूल्य के असली नोट के बदले इन्हें 1 लाख रुपए मूल्य के नकली नोट मिलते थे।

पूछताछ में इन्होंने बताया कि नकली नोट मिलने के बाद वे अलग-अलग वाहनों से पश्चिम बंगाल से लौटे। वे ये नोट वाराणसी में खपाने वाले थे। इसके बाद जो नोट बच जाते उन्हें दोनों अगले साल जनवरी में प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में खपाते। गिरफ्तारी से पहले दोनों रास्ते में चायपानी और छोटी-मोटी खरीदारी के लिए नकली नोट का इस्तेमाल भी कर चुके थे।

अगले जनम मोहे बंगाल में न पैदा कीजो… एडमिट होने का इंतजार कर रही महिला ने सरकारी अस्पताल के शौचालय में बच्चे को दिया जन्म, कुत्ता लेकर भाग गया

पश्चिम बंगाल के बाँकुड़ा के सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में एक ह्रदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक नवजात को एक आवारा कुत्ता उठा ले गया। नवजात को एक महिला ने अस्पताल के शौचालय में जन्म दिया था क्योंकि अस्पताल वालों ने उसे भर्ती नहीं किया था। बताया गया कि बच्चे का जन्म समय से पहले हो रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि घटना सोमवार (18 नवंबर, 2024) को हुई। पीड़ित महिला कथित तौर पर कोचडीही गाँव की रहने वाली है। उसका नाम प्रिया रॉय बताया जा रहा है। वह भर्ती होने का इंतजार कर रही थी, इसी दौरान शौचालय में उसने नवजात को जन्म दिया।

प्रिया को पेट में तेज दर्द के कारण अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद उससे यूरिन सैंपल माँगा गया। लेकिन जैसे ही वह शौचालय में दाखिल हुई, उसे तेज दर्द हुई और उसने यहीं के फर्श पर अविकसित बच्चे को जन्म दे दिया। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि इसके बाद उन्होंने तुरंत अस्पताल के कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन कर्मचारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।

परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बार-बार कहने के बावजूद प्रिया की देखभाल करने के लिए कोई नहीं आया। नवजात को भी शौचालय में अकेला छोड़ दिया गया। जब तक परिवार के सदस्य वापस लौटते, तब तक उन्होंने देखा कि बच्चा गायब है। उन्होंने देखा कि एक आवारा कुत्ता बच्चे को उठाकर ले जा रहा है।

चौंकाने वाली बात यह है कि देखने वालों ने पुष्टि की कि घटना के बाद भी अस्पताल परिसर में आवारा कुत्ते मौजूद थे।

अस्पताल ने किया लीपापोती का प्रयास

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए पीड़ित माँ को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। बिष्णुपुर जिले की डिप्टी CMOH मीनाक्षी मैती ने दावा किया कि प्रारंभिक जाँच में परिवार के आरोपों को नकारने की कोशिश की। जिसमें गर्भावस्था की गर्भकालीन आयु भी शामिल है।

उन्होंने आगे दावा किया कि परिवार द्वारा उनके दावे का समर्थन करने के लिए प्रदान की गई एक तस्वीर ‘गढ़ी हुई’ थी। डॉक्टर ने दावा किया कि परिवार ने प्रिया की गर्भावस्था के समय के बारे में सही जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी दावा किया परिवार का दिया हुआ फोटो झूठा है। हालाँकि, प्रिया के परिवार ने यह दावे नकारे और कहा कि अस्पताल ने रिकॉर्ड में गड़बड़ी की है।

इस घटना के बाद कथित तौर परिवार और अस्पताल के कर्मचारियों के बीच विवाद भी हुआ। इसके बाद सोनामुखी पुलिस मामले की जाँच करने के लिए पहुंची। बिष्णुपुर जिले के प्रतिनिधियों, जिनमें दो डिप्टी CMOH शामिल थे, ने भी मौके पर जाँच की और सबूत जुटाए।

भाजपा ने ममता सरकार पर बोला हमला

भाजपा के आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने एक पोस्ट शेयर करते हुए पीड़ित की आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि कैसे आवारा कुत्ता कथित तौर पर समय से पहले जन्मे बच्चे को उठा ले गया। उन्होंने इस घटना को इस घटना को भयावह और दिल दहला देने वाला बताया है। मालवीय ने पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी की आलोचना की।

उन्होंने लिखा, “पश्चिम बंगाल के सोनामुखी से एक भयावह घटना सामने आई है। ममता बनर्जी की तथाकथित ‘विश्वस्तरीय’ सुविधाओं में, एक गर्भवती महिला को लंबे समय तक प्रसव पीड़ा सहने के बाद बिना किसी सहायता के शौचालय में बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। दुखद बात यह है कि जन्म के बाद, अस्पताल में खुलेआम घूमने वाले एक कुत्ते ने नवजात शिशु को छीन लिया और भाग गया। यह भयावह और हृदय विदारक है।”

यूपी में उपचुनाव के दौरान हिंसा, मीरापुर में सपा समर्थकों पर पथराव का आरोप: NDA प्रत्याशी ने कहा- बाहर से असलहे लेकर लोगों को बुलाया, मस्जिद-मदरसों में ठहराया

उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए बुधवार (20 नवंबर, 2024) को मतदान जारी है। ये सीटें फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल और कुंदरकी हैं। इन्हीं में से मतदान के दौरान मुज़फ्फरनगर की मीरापुर सीट पर पथराव की खबर आई है। हिंसा का आरोप समाजवादी पार्टी (SP) की प्रत्याशी सुम्बुल राणा के समर्थकों पर लगा है। वहीं मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा के सपा प्रत्याशी हाजी रिज़वान भी मतदान के दौरान पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड हटाने का प्रयास किया।

मुजफ्फरनगर की मीरापुर से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व सांसद कादिर राणा की बहू सुम्बुल राणा सपा के टिकट से चुनावी मैदान में हैं। मतदान शुरू होते ही ककरौली इलाके में समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने वोटिंग में धांधली का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद नारेबाजी भी शुरू हो गई। अधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और नारा लगा रहे लोगों को समझाने की कोशिश की।

प्रशासन के प्रयासों का सपा समर्थकों पर कोई असर नहीं पड़ा। थोड़ी ही देर में सुम्बुल राणा के समर्थक मारपीट पर उतारू हो गए। उन्होंने पुलिस पर पथराव करना चालू कर दिया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की। इस हिंसा के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हिंसा करने वाली भीड़ में उन नाबालिग बच्चों को भी देखा जा सकता है जिनके सम्भवतः अभी वोटर कार्ड भी नहीं बने हैं। कुछ अन्य वीडियो में हमलावरों को घरों की आड़ ले कर पथराव करते देखा जा सकता है।

मीरापुर में हिंसा के बाद NDA गठबंधन की प्रत्याशी मिथिलेश पाल ने सपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने हिंसा के बाद कहा कि बाहर से दंगा करने के लिए लोग बुलाए गए हैं और यह असलहा लेकर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को मस्जिदों और मदरसों में रोका गया है।

कुंदरकी में पुलिस से भिड़े सपा प्रत्याशी

मुरादाबाद के कुंदरकी में भी बवाल हुआ। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हाजी रिज़वान पुलिस से भिड़ते नजर आए। सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड को देख कर हाजी रिज़वान भड़क उठे। वह मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों पर चीखने-चिल्लाने लगे। पुलिस के समझाने के बावजूद रिज़वान जबरन बैरिकेड को अपने हाथों से हटाने लगे। मौके पर महिला पुलिसकर्मी भी तैनात थीं। हाजी के समर्थक भी पुलिस से पूछ रहे थे कि उनको किसी का पहचान पत्र चेक करने का अधिकार किसने दिया।

सपा प्रत्याशी का दावा है कि उन्होंने 70 साल की उम्र में पहली बार ऐसा बैरिकेड देखा है। यह बहस कुंदरकी के भीखनपुर कुलवाड़ा के बूथ संख्या 362,363 के पास हुई है। बाकी सीटों पर हिंसा या तनातनी की कोई सूचना नहीं आई है। यूपी उपचुनाव के नतीजे 23 नवम्बर, 2024 को आएगा।

विनोद तावड़े पर ताबड़तोड़ ट्वीट, सुप्रिया सुले के ‘बिटकॉइन घोटाले’ पर चुप्पी: क्या पिता दिलीप सरदेसाई पर शरद पवार के अहसानों का बदला चुका रहे हैं राजदीप?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान जारी है। इस बीच विपक्ष ने भाजपा नेता विनोद तावड़े पर लोगों को पैसे बाँटने का आरोप लगाया है। वहीं, महाविकास आघाड़ी (MVA) के शरद पवार वाली एनसीपी की नेता सुप्रिया सुले पर बिटकॉइन घोटाले का पैसे इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। इस बीच इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक बार फिर पक्षपाती रुख अपनाते हुए ट्विट किया है।

दरअसल, महाराष्ट्र के पालघर में मंगलवार (19 नवंबर 2024) को बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पर मतदाताओं को पैसे बाँटने का आरोप लगाया। इसके बाद राजदीप सरदेसाई ने इसको लेकर ताबड़तोड़ कई ट्वीट कर दिए। हालाँकि, यह मामला जाँच का विषय है, फिर वे अपनी राजनीतिक झुकाव को प्रदर्शित करने में नहीं चुके।

राजदीप सरदेसाई ने एक ट्वीट में लिखा, “बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को विरार के एक होटल में बीवीए विधायक ने घेरा। उन पर 5 करोड़ रुपए कैश बैग रखने का आरोप है। साथ ही उनके पास एक डायरी भी है, जिसमें उन लोगों के नाम हैं, जिन्हें पैसे दिए गए। बीजेपी और बीवीए कार्यकर्ताओं में झड़प। यदि वोट ‘खरीदे’ जाते हैं तो चुनाव कैसे स्वतंत्र और निष्पक्ष हो सकते हैं? क्या @ECISVEEP एक बार फिर जाँच एवं कार्रवाई करेगा या चुप रहेगा?”

इस घटना से अति उत्साहित राजदीप ने अगला ट्वीट किया, “ब्रेकिंग: महाराष्ट्र में कैश फॉर वोट मामले में कुल तीन एफआईआर दर्ज। बीजेपी प्रत्याशी दो एफआईआर में नामज़द। एक एफआईआर में विनोद तावड़े का नाम है। एक एफआईआर में बीवीए का भी नाम है। कुल 9 लाख 53 हजार 900 रुपए नकद मिले। कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई है।”

राजदीप सरदेसाई विनोद तावड़े से जुड़े पल-पल की खबर दे रहे थे। अब कोई भी ये सोच सकता है कि राजदीप सरदेसाई एक पत्रकार हैं और अगर अपने ट्वीट में इसे बता रहे हैं तो गड़बड़ क्या है। गड़बड़ है। जिस वक्त तावड़े पर आरोप लगा, उसी समय शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले पर भी बिटकॉइन घोटाले के पैसे का इस्तेमाल विधानसभा चुनावों में करने का आरोप लगा। भाजपा ने इस मुद्दे को उठाया भी।

हालाँकि, राजदीप सरदेसाई ने सुप्रिया सुले पर लगे आरोपों पर एक भी ट्वीट नहीं किया। सुप्रिया सुले पर आरोप लगाने वाले सेवानिवृत IPS अधिकारी हैं। सुले की बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है। इस ऑडियो को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि इसमें आवाज सुप्रिया सुले की ही है और वे उस आवाज को पहचान गए हैं।

इतना सब कुछ होने के बाद भी शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ लगे आरोपों पर राजदीप सरदेसाई ने एक भी ट्वीट नहीं किया। अब सवाल मन में उठेगा कि इसके पीछे क्या वजह हो सकती है। इसके पीछे शरद पवार और राजदीप सरदेसाई के पिता के बीच का रिश्ता है। शरद पवार का राजदीप के पिता पर एक अहसान है, जिसका बदला वे आज भी चुका रहे हैं।

सोशल मीडिया साइट X पर एमिनेंट इंटेलेक्चुअल नाम के एक हैंडल ने इसको लेकर खुलासा किया है। दरअसल, अक्टूबर 1993 में राजदीप सरदेसाई के पिता को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शरद पवार थे। आखिरकार यह मामला पूरी तरह से गायब हो गया। शायद यही वजह है कि राजदीप सरदेसाई शरद पवार के प्रति आज भी कृतज्ञ हैं।

राजदीप सरदेसाई के पिता दिलीप सरदेसाई एक क्रिकेटर थे। 20 अक्टूबर 1993 को एक खबर आई कि दिलीप सरदेसाई और पुणे के व्यवसायी जयंत विट्टलदास को 6.89 मिलियन अमेरिकी डॉलर (आज के विनिमय दर के हिसाब से लगभग 58 करोड़ रुपए) के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार करके 29 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह गिरफ्तारी विट्टलदास के यहाँ इनकम टैक्स की रेड के बाद हुई।

इस केस का क्या हुआ, किसी तो पता नहीं। कहा जाता है कि शरद पवार की कृपा से दिलीप सरदेसाई इसमें से बेदाग निकल गए। शायद यही कारण है कि शरद पवार की उस कृपा का फल राजदीप सरदेसाई आज भी दे रहे हैं। सुप्रिया सुले पर इतना बड़ा आरोप लगने के बावजूद भी उन्होंने सुले को लेकर एक भी ट्वीट नहीं किया।

कौन हैं ब्राजील के आचार्य जोनास मैसेट्टी, जिनसे पीएम मोदी ने G20 में की मुलाकात: कैसे रियो की पहाड़ियों में पढ़ाने लगे वेदान्त और योग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान वैश्विक नेताओं के साथ मुलाक़ात की। इन नेताओं के अलावा पीएम मोदी एक ऐसे व्यक्ति से मिले, जिनका जन्म तो ब्राजील में हुआ लेकिन अब वह भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुँचा रहे हैं। पीएम मोदी ने रियो में आचार्य जोनास मैसेट्टी से मुलाक़ात की। आचार्य मैसेट्टी का जिक्र पीएम मोदी इससे पहले एक बार मन की बात में भी कर चुके हैं। आचार्य मैसेट्टी योग और गीता से दुनिया को परिचित करवा रहे हैं।

पीएम मोदी ने जोनास मैसेट्टी से मिल कर लिखा, “जोनास मैसेट्टी और उनकी टीम से मुलाकात हुई। मैंने मन की बात कार्यक्रम के दौरान वेदान्त और गीता के प्रति उनकी श्रृद्धा का जिक्र किया था। उनकी टीम ने संस्कृत में रामायण की झलकियाँ प्रस्तुत कीं। यह सराहनीय है कि कैसे भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रही है।”

कौन हैं जोनास मैसेट्टी?

जोनास मैसेट्टी मूल रूप से ब्राजील के रहने वाले हैं। उन्होंने ब्राजील में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वह योग और वेदों की तरफ आने से पहले स्टॉक मार्केट में काम करते थे। जोनास मैसेट्टी भारत आने से पहले काफी समृद्ध थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पास पश्चिमी देशों में हर आदमी को जिन चीजों की जरूरत होती है, वह सब कुछ उनके पास था। जोनास मैसेट्टी अपने इस जीवन से खुश नहीं थे। वह कुछ सालों पहले भारत आ गए थे, इसके बाद से वह सनातन से प्रभावित हो गए।

क्यों चुना सनातन का रास्ता?

जोनस मैसेट्टी ने जागरण को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि वह पश्चिमी देशों के जीवन से प्रसन्न नहीं थे और उनका मन नहीं लगता था। ऐसे में वह वेदान्त की तरफ मुड़ गए। वह भारत आए और तमिलनाडु के कोयम्बटूर में आचार्य दयानंद सरस्वती के आश्रम में वेदान्त पढ़ने लगे। यहाँ मैसेट्टी को आचार्य का दर्जा मिला। सनातन से प्रभावित होने के बाद विश्व विद्या नाम का एक संस्थान खोला और सनातन का प्रचार करने लगे। इसकी स्थापना उन्होंने ब्राजील की राजधानी रियो के पास के स्थान में की थी।

अब कर रहे संस्कृति का प्रचार

जोनास मैसेट्टी भारतीय संस्कृति में ढलने के बाद आचार्य विश्वनाथ हो गए हैं। मैसेट्टी अब वेदान्त की शिक्षा विदेशों में देते हैं। वह विदेशी छात्रों को योग और गीता पढ़ाते हैं। वह रामायण आदि की कहानियाँ भी लोगों को बताते हैं। उन्हें आयुर्वेद के बारे में भी समझाते हैं। मैसेट्टी ब्राजीम में अपने आश्रम में कई छात्रों को सनातन की धार्मिक शिक्षा देते हैं। वह और उनके साथी रामायण का मंचन भी करते हैं और झांकियों के जरिए लोगों को हिन्दू धर्म के विषय में समझाते हैं।

पीएम मोदी ने भी मैसेट्टी का किया था जिक्र

पीएम मोदी ने जोनास मैसेट्टी का जिक्र 2020 में मन की बात में किया था। पीएम मोदी ने जोनास मैसेट्टी जैसे लोगों को ‘भारत का सांस्कृतिक राजदूत’ करार दिया था। पीएम मोदी ने उनको लेकर कहा,”भारत की संस्कृति और शास्त्र, हमेशा से ही पूरी दुनिया के लिए आकर्षण के केंद्र रहे हैं। कई लोग तो इनकी खोज में भारत आए और हमेशा के लिए यहीं के होकर रह गए, तो कई लोग वापस अपने देश जाकर इस संस्कृति के संवाहक बन गए। मुझे ‘जोनास मैसेट्टी’ के काम के बारे में जानने का मौका मिला, जिन्हें ‘विश्वनाथ’ के नाम से भी जाना जाता है।”

पीएम मोदी ने आगे बताया, “जोनास ब्राजील में लोगों को वेदांत और गीता सिखाते हैं। वे विश्वविद्या नाम की एक संस्था चलाते हैं, जो रियो डी जेनेरियो से घंटे भर की दूरी पर पेट्रोपोलिस के पहाड़ों में स्थित है। जोनास ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद, स्टॉक मार्केट में अपनी कंपनी में काम किया, बाद में उनका रुझान भारतीय संस्कृति और खासकर वेदान्त की तरफ हो गया। स्टॉक से लेकर के धार्मिकता तक वास्तव में उनकी एक लंबी यात्रा है।”

कोर्ट के आदेश के बाद देर शाम को हुआ संभल के जामा मस्जिद का सर्वे, भारी संख्या में तैनात रही पुलिस: हिंदू पक्ष का दावा- बाबर ने हरिहर मंदिर को तोड़कर बनवाई थी मस्जिद

उत्तर प्रदेश के संभल स्थित जामा मस्जिद का मंगलवार (19 नवंबर 2024) की शाम को कलेक्टर की उपस्थिति में सर्वे हुआ। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में वीडियोग्राफी भी की गई। दरअसल, जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए हिंदू पक्ष ने कोर्ट में एक वाद दायर किया था। इसके बाद कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर को नियुक्त करते हुए पूरे परिसर का सर्वे कराने का आदेश दिया।

कोर्ट का आदेश मिलते ही एवोकेट कमिश्नर रमेश राघव की निगरानी में डीएम डॉक्टर राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई पुलिस फोर्स के साथ पहुँचे। एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव ने बताया कि मंगलवार को मुख्य हॉल और अन्य हॉल की वीडियोग्राफी कराई गई है। बाकी हिस्सों की भी वीडियोग्राफी कराई जा सकती है। यह रिपोर्ट 29 नवंबर 2024 तक कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद में सर्वे किया गया है। अभी आगे भी होना है। उन्होंने कहा कि मस्जिद के अंदर सिर्फ फोटोग्राफर और कैमरामैन ही गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग मौजूद रहे। वहीं, मुस्लिम पक्ष के लोग आसपास की छतों पर आ गए और हालात तनावपूर्ण हो गया। हालात को संभालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

इस दौरान मंदिर का दावा करने वाले कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज को मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद में घुसने से रोक दिया। बाद में प्रशासन ने महंत को वहाँ से हटा दिया। इस मस्जिद का सर्वे करने का आदेश सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट ने दोपहर में दिया था और शाम को सर्वे का काम शुरू कर दिया गया। सर्वे लगभग दो घंटे तक हुआ। चार महीने पहले ASI ने भी यहाँ सर्वे किया था।

हिंदू पक्ष द्वारा 95 पेज के वाद में दावा किया गया है कि हरिहर मंदिर को तोड़कर जामा मस्जिद बनवाया गया है और मस्जिद समिति इसका अनाधिकृत उपयोग कर रही है। हिंदू पक्ष का दावा है कि आक्रमणकारी बाबर ने 1529 में इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद में परिवर्तित कर दिया था। विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक साक्ष्यों और हिन्दू आस्था के आधार पर यह याचिका दाखिल की है।

विष्णु शंकर जैन ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार, पुरातत्व विभाग (ASI), संभल के जिलाधिकारी और जामा मस्जिद कमेटी को पक्षकार बनाया है। उन्होंने कहा कि यह विवादित ढाँचा ASI द्वारा संरक्षित स्थल है। उन्होंने दावा किया है कि हरिहर मंदिर को वर्तमान समय में गलत ढंग से मस्जिद के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।

 

जामा मस्जिद का होगा सर्वे, विष्णु शंकर जैन की याचिका पर कोर्ट का आदेश: दावा- यह हरिहर मंदिर, यहाँ कल्कि भगवान लेंगे अवतार

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की जामा मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन द्वारा दाखिल एक याचिका में दावा किया गया है कि वर्तमान में जामा मस्जिद के नाम से पहचाने जाने वाला यह स्थल पहले एक हिन्दू मंदिर था, जिसे आक्रमणकारी बाबर ने 1529 में तोड़कर मस्जिद में परिवर्तित कर दिया था। इस याचिका में कोर्ट से मस्जिद का सर्वेक्षण कराए जाने की माँग की गई थी, जिसे मंगलवार (19 नवंबर 2024) को संभल की जिला अदालत ने स्वीकार कर लिया और एडवोकेट कमिश्नर द्वारा सर्वे के आदेश दिए।

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर कोर्ट के फैसले को साझा करते हुए बताया कि उनके द्वारा दायर याचिका पर अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश जारी किया है। याचिका में उन्होंने दावा किया है कि यह स्थल प्राचीन काल में हरिहर मंदिर के नाम से जाना जाता था। विष्णु शंकर ने कहा कि साल 1529 में बाबर ने उस स्थान को तोड़ कर मस्जिद बनवाई थी। इसी पोस्ट में उन्होंने हिन्दुओं की आस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मान्यता है कि उस स्थान पर भविष्य में कल्कि भगवान अवतार लेंगे।

मीडिया से बातचीत में विष्णु शंकर जैन ने बाबर को एक क्रूर आक्रमणकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक साक्ष्यों और हिन्दू आस्थाओं के आधार पर यह याचिका दाखिल की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार, पुरातत्व विभाग (ASI), संभल के जिलाधिकारी और जामा मस्जिद कमेटी को इस मामले में पक्षकार बनाया है। याचिकाकर्ता ने मस्जिद के तौर पर इस स्थान के उपयोग पर आपत्ति जताई है, क्योंकि यह ASI द्वारा संरक्षित स्थल है। उनका दावा है कि हरिहर मंदिर को वर्तमान समय में गलत ढंग से मस्जिद के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।

याचिका में उन्होंने कोर्ट से माँग की कि भारतीय सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 26 के नियम 9 और 10 के तहत एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर विवादित स्थल का सर्वे कराया जाए। कोर्ट ने उनकी इस माँग को स्वीकार करते हुए सर्वेक्षण के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है।

विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वह अदालत के इस आदेश का जल्द से जल्द पालन सुनिश्चित करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाएँगे। उन्होंने याचिका में यह भी आग्रह किया है कि विवादित स्थल को मस्जिद के रूप में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यह स्थल हिन्दू आस्था और इतिहास से जुड़ा हुआ है और इसका उपयोग किसी धार्मिक विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए।

इस फैसले के बाद से यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। अब सर्वेक्षण की प्रक्रिया और इसके परिणाम इस विवाद को आगे किस दिशा में ले जाएँगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।